गले मिलो प्रेम संग

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* नई साल आती रहे,मन में हो शुभ भाव, करते शुभकामना,सभी हम प्यार से। भारत धर्म संस्कृति,आए न कोई विकृति, मन में गुमान रख,रहना संस्कार से। बार-बार…

0 Comments

नए लेखकों को स्पर्धा में जीतने का विशेष अवसर

इंदौर। आदरणीय रचनाशिल्पी मित्रों,सादर नमस्कार। आपको बताते हुए बड़ा हर्ष है कि आपके अपने सक्रिय और लोकप्रिय हिंदीभाषा डॉट कॉम (पोर्टल) से जुड़े सभी रचना शिल्पियों(पंजीकृत सदस्य)और नवांकुरों के लिए…

0 Comments

दार्शनिक की पाठशाला और मैं

जितेंद्र शिवहरे इन्दौर(मध्य प्रदेश) ********************************************************************* जीवन को भली-भांति जानने और समझने के लिए मुझे एक दार्शनिक की कक्षा में कुछ समय बिताने का सौभाग्य मिला। उन्होंने मेरी मुख मुद्रा को…

0 Comments

अवध नादां हुआ

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** जब बुरा-सा वक्त मुझ पर दिल से मेहरबांं हुआ, तब सदा मेरा पराया मेरा खानदान हुआ। स्वार्थ की टेढ़ी तुला पर तौलकर फेंका गया, बस…

0 Comments

कटुवचन

श्रीमती पुष्पा शर्मा ‘कुसुम’ अजमेर(राजस्थान) **************************************************** मानव को मिला वाणी का वरदान। सधते उसी से संसार के व्यवहार। ज्ञान विज्ञान मनोरंजन, सभी तो जुड़े हैं वाणी के सूक्ष्म तंतु से।…

0 Comments

सहज बुनियाद हिलती है

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** (रचना शिल्प:१२२२ १२२२ १२२२ १२२२) कठिन श्रम से सफलता शीघ्र सबको हाथ लगती है, लगाओ जोर दम भरके,सहज बुनियाद हिलती है। कमाओ लाख धन…

0 Comments

झूठ-फरेब का दौर

सुषमा मलिक  रोहतक (हरियाणा) ************************************************************************************* खत्म हुआ वक़्त इंसानियत का,झूठ-फरेब का चला दौर है, सच्चाई को दबाने को,झूठी खबरों का सोशल साइट पर शोर है। अपनी गलती ढंकने को लोग,दूसरों…

0 Comments

कस्तूरबा गांधी पर डाॅ.जोशी ने लिखा शोध ग्रंथ,डेढ शती वर्ष में होगा प्रकाशन

उज्जैन। ११ अप्रैल १८६९ को जन्मी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पत्नी कस्तूरबा गांधी का यह डेढ़ सौवां जन्मशती वर्ष है,जो ११ अप्रैल से आरंभ होकर १० अप्रैल २०२० तक चलेगा।…

0 Comments

प्यार की जमना है माँ

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** मेरी माँ, ज्ञान की गंगा है प्यार की जमना है। सपनों की गुल्लक है, यादों का गहना है माँ हमारी दोस्त,सहेली और बहना हैl थपकी…

0 Comments

घर-घर आये नेता जी

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** नेता घूमते गाँव में,माँगन को वो वोट। तरह-तरह के वायदे,बरसाते वो नोटll घर-घर आते हैं सभी,नेता करते बात। जनता लालच में फँसे,देते हैं…

0 Comments