स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि को अलविदा नहीं कहा जा सकता

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* विश्व प्रसिद्ध भारत माता मंदिर के संस्थापक,भारतीय अध्यात्म क्षितिज के उज्ज्वल नक्षत्र,निवृत्त शंकराचार्य,पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि मंगलवार सुबह हरिद्वार में उनके निवास स्थान राघव कुटीर में ब्रह्मलीन हो गए। उनके देवलोकगमन से भारत के आध्यात्मिक जगत में गहरी रिक्तता बनी है,एवं संत-समुदाय के साथ-साथ असंख्य श्रद्धालुजन शोक मग्न हो गये हैं। … Read more

लक्ष्मी की वापसी

डॉ.आभा माथुर उन्नाव(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************************** बात तब की है,जब मैं बनारस में डी.आई.ओ. एस. थी। वैसे तो नगर के सभी इन्टर कालेज मेरे अधीन थे,पर एक इन्टर कालेज की मैं पदेन प्रबन्ध संचालक थी। पदेन का अर्थ है कि उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार जो भी बनारस का डी.आई.ओ.एस. होता,वही उस विद्यालय का प्रबन्ध … Read more

जन-मन के प्रिय चितेरे रहे

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** विनम्र श्रद्धांजलि-कवि मोहन सोनी………… साहित्य को अपना धर्म और कविता को अपना कर्म मानने वाले कलम के सिपाही जो सतत लेखन की प्रेरणा देते रहते थे और स्वयं भी उत्साहपूर्वक साहित्य जगत में छाए हुए थे,जिनकी लेखनी में जहाँ मालवा की काली मिट्टी के लोच के साथ लोक भाषा मालवी … Read more

दुनिया के श्रेष्ठतम चिंतक और कुशल दार्शनिक संत कबीर

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** कबीर जयंती विशेष १७ जून……………….. भारतीय लोक परम्परा के जनकवियों में संत कबीर का नाम सबसे अग्रणी है। कबीर गृहस्थ संत थे,भक्त थे,कवि थे जीवनचर्या के लिए जुलाहे थे,पर इन सबसे अलग वे चिंतक थे,स्पष्टवादी थे, युग दृष्टा थे और तर्क की कसौटी पर हर बात को कसने वाले थे। … Read more

कोलकाता की वो पुरानी बस और डराने वाला टिकट….!

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** कोलकाता की बसें लगभग अब भी वैसी ही हैं जैसी ९० के दशक के अंतिम दौर तक हुआ करती थी। फर्क सिर्फ इतना आया है कि पहले जगहों के नाम ले-लेकर चिल्लाते रहने वाले कंडक्टरों के हाथों में टिकटों के जो बंडल होते थे,वे साधारणत: २०,४० और ६० … Read more

उत्तराखण्ड की राजनीति से प्रकाश पन्त का जाना

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ लम्बे समय से उत्तराखण्ड की राजनीति में सक्रिय भाजपा की हर सरकार में महत्वपूर्ण दायित्व के साथ उपस्थिति दर्शाने वाले प्रकाश पन्त ने अमेरिका में ५ जून २०१९ को अन्तिम साँस ली। वह कैंसर के इलाज के लिए ३० मई को अमेरिका ले जाये गये थे। लम्बे समय से कैंसर … Read more

मालवी की बाँसुरी `सुल्तान मामा`

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** मालवी बोली के कवि को श्रद्धांजलि हिंदी और मालवी के सुप्रसिद्ध कवि,गीतकार सुल्तान मामा हिंदी काव्य मंचों पर अपनी सुरीली आवाज के लिए पहचाने जाते थे। कवि सम्मेलन मंचों पर यदि कोई उन्हें सामने से नहीं सुन रहा हो तो कहता कि क्या खूबसूरत आवाज में कवियित्री गा रही है। … Read more

वो सज्जन पुरुष

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** ऐसे तो जिंदगी में बचपन के बहुत से किस्से हैं,जिनको कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्हीं किस्सों में से एक मेरा भी बचपन का किस्सा है। जब मैं छोटा था तो अपनी बहनों की शादी थी। हम लड़की वाले थे,फिर भी बारात लेकर बीकानेर गए थे। वहाँ पर हम एक … Read more

मन के हारे हार,मन के जीते जीत

इलाश्री जायसवाल नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* बात उन दिनों की है,जब मैंने उच्च शिक्षा के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। मैं बहुत खुश थी,क्योंकि विश्वविद्यालय में पढ़ने का सपना पूरा हो गया था। छात्रावास में रहती थी। अपना खर्चा खुद उठाने के लिए मैंने सोचा कोई छोटी-सी नौकरी कर लूं। तलाशने पर पता चला कि वहां … Read more

मेरे नाना

प्रज्ञा गौतम ‘वर्तिका’ कोटा(राजस्थान) ********************************************* बहुत याद आते हैं नाना,जिनके सानिध्य-छाँव में बचपन के अनेक वर्ष बीतेl मन की अतल गहराइयों में दबी,पीले और भंगुर पृष्ठों पर उकेरी हुई रंग उड़ी चित्रकथाओं-सी बचपन की स्मृतियाँl एक धुंधली-सी स्मृतिl पांच वर्ष की छोटी-सी बच्ची मैं,नाना की उंगली थामे बाज़ार से गुजर रही हूँl कोई सज्जन रास्ते … Read more