दिल में आते-जाते रहिए
सलिल सरोज नौलागढ़ (बिहार) ******************************************************************** इश्क़ का भ्रम यूँ बनाते रहिए, इस दिल में आते-जाते रहिएl आप ही मेरी नज़्मों की जाँ थी, ये चर्चा भी सरे आम सुनते रहिएl सिलिए ज़ुबान तकल्लुफ से, लेकिन निगाहें मिलाते रहिएl आप मेरी हैं भी और नहीं भी, ये जादूगरी खूब दिखाते रहिएl आप बुझ जाइए शाम की … Read more