भरो माँ रंग जीवन में

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** सती चण्डी जगत जननी,महादेवी उमा गौरी, भवानी मात जगदम्बा,महाकाली महागौरी। भरो माँ रंग जीवन में, ‘प्रियम’ की चाह है इतनी- तुम्हारा हाथ हो सर पे,सदा आशीष माँ गौरी। भरो माँ रंग जीवन में,..समर्पण भाव भक्ति माँ, करूँ पूजा सदा तेरी,…भवानी आदि शक्ति माँ। नहीं कोई बड़ी हसरत,..नहीं है चाह … Read more

कोई जवाब दो

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** कहता नहीं हूँ मैं कभी दिल की किताब दो, लेकिन ख़तों का आज तो कोई जवाब दो। मैंने तुझे आँखों की है पुतली में रख लिया, मर्जी तेरी काँटा दो या चाहे गुलाब दो॥ परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं … Read more

माँ

दुर्गेश राव ‘विहंगम’  इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************** अमर प्यार है माँ का जग में,माँ ही सच्चा मीत, सेवा करता है जो माँ की,होती उसकी जीत। नहीं हारता है वह जग में,माँ हो जिसके पास, हर लेती है माँ सदैव दुःख,देती सुख-सा शीतll परिचय-दुर्गेश राव का साहित्यिक उपनाम ‘विहंगम’ है।१९९३ में ५ जुलाई को मनासा (जिला नीमच, मध्यप्रदेश) … Read more

पीड़ा हर सकूँ सबकी

सतीश विश्वकर्मा ‘आनंद’ छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) ****************************************************************************** मुझे आशीष दो इतना कि ऊँचा नाम बन जाऊँ, पीड़ा हर सकूँ सबकी अगर घनश्याम बन जाऊँ। करूँ परिवार की खातिर कि जो भी हो करम मेरा, पिता का पुत्र ऐसा हो कि घर का राम बन जाऊँ॥ परिचय-सतीश विश्वकर्मा का साहित्यिक उपनाम `आनंद` हैl जन्म २८ अप्रैल १९८५ … Read more

फूल

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* रखूँ किस पृष्ठ के अंदर, अमानत प्यार की सँभले। भरी है डायरी पूरी, सहे जज्बात के हमले। गुलाबी फूल-सा दिल है, तुम्हारे प्यार में पागल- सहे ना फूल भी दिल भी, हकीकत हैं,नहीं जुमले। सुखों की खोज में मैंने, लिखे हैं गीत अफसाने। रचे हैं छंद भी सुंदर, भरोसे वक्त बहकाने। … Read more

तेरे प्यार में

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** बैठा रहा मैं दिन में आधी रात की कभी, चाहा बहुत मगर न कोई बात की कभी। मैं आज भी रोता हूँ सनम तेरे प्यार में, ये और बात है न मुलाकात की कभी॥ परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं … Read more

मुझसा नहीं मिलेगा

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** यादों को मेरी तुम गये क्यूँ भूल साथिया, तेरे कदम का था नहीं मैं धूल साथिया, ले के चिराग ढूँढना सारे जहान में- मुझसा नहीं मिलेगा तुझे फूल साथिया। परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं जन्म स्थान ग्राम महेशपुर,कुशीनगर(उत्तर प्रदेश)है। … Read more

निगाहें

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** निगाहें ख़ंजर का भी काम करती है, जिधर उठती है कत्लेआम करती है। इन आँखों की गुस्ताखियां तो देखो- दिल की बातें भी सरेआम करती है। निगाहें मैख़ाने का भी काम करती है, मुहब्बत के पैमाने में जाम भरती है। डूबकर कभी इन आँखों में तो देखो- खुद आँखों … Read more

`हिंदी` हीरे-सी अनमोल

सुनीता बिश्नोलिया चित्रकूट(राजस्थान) ****************************************************** शब्दों की सरिता बहे,बोले मीठे बोल। हिंदी भाषा है रही कानों में रस घोलll पश्चिम के तूफान में,नहीं पड़ी कमजोर, हिंदी शब्दों की लहर,करती रही हिलोर, सोने-सी महँगी बड़ी,हीरे-सी अनमोल- इसे चुरा पाए नहीं,भारत आए चोरl सरस शब्द ही जान है,इनसे है पहचान, हिंदी की गाथा सकल,गाता सदा जहान, नव सृजन,नव … Read more

घायल हुआ हूँ मैं

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** तुमसे नजर मिली है तो घायल हुआ हूँ मैं, तेरे निखरते रूप का कायल हुआ हूँ मैं, कोई किसी की चाह में गिरता नहीं ऐसे- ‘आकाश’ मेरा नाम है पायल हुआ हूँ मैं। परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं जन्म … Read more