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चुनावी महासंग्राम

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’
धनबाद (झारखण्ड) 
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आ गया है देखो चुनावी महासंग्राम,
साफ कर दिल को खोलो ज्ञान का धाम
देखो करनी उनकी सुबह हो या शाम,
दिलो-दिमाग से तौल करो वोट का कामl
आ गया है देखो चुनावी महासंग्राम…ll

देखो नेता आज विविध रंग गढ़ते हैं,
कौवा होकर हंस की चाल चलते हैं
छीनने वाले आज दाता बने फिरते हैं,
हरदम हमें लुभाने की बात करते हैंl
आ गया है देखो…l

देना मत ध्यान कभी इनके वादों को,
मन ही मन टटोलो उनके इरादों को
प्रतिक्रिया देना नहीं है काम हमारा,
स्वच्छ मतदान कर,ले अधिकार साराl
आ गया है देखो…ll

अब वे करेंगे हमसे आरक्षण की बात,
जाति-पाती के भेद से चाहेंगे हमारा साथ
ना बने काम तो देंगे पैसों की सौगात,
साम-दाम-दंड-भेद का खोल देंगे हाथl
देना है हमें बस सुयोग्य का ही साथ।
आ गया है देखो…ll

दिल में खिले हैं फूल `कमल` के,
मिला है हमें भाई साथ `हाथ` का
तीर-धनुष से होती प्यारी-सी बात,
पर बटन दबेगा मेरा बस वहीं
जहां से मिलेगी खुशियों की सौगात।
आ गया है देखो…ll

आप सबों से कहता यह `राजूराज`,
बंधुओं आज के हैं हम ही राजा
हमें ही चलाना है आज मत का राज,
तरक्की करेगा तभी हमारा समाज
मत से करेंगे जब अपना सही काज।
आ गया है देखो चुनावी महासंग्राम,
आ गया है देखो चुनावी महासंग्रामll

परिचय–साहित्यिक नाम `राजूराज झारखण्डी` से पहचाने जाने वाले राजू महतो का निवास झारखण्ड राज्य के जिला धनबाद स्थित गाँव- लोहापिटटी में हैl जन्मतारीख १० मई १९७६ और जन्म स्थान धनबाद हैl भाषा ज्ञान-हिन्दी का रखने वाले श्री महतो ने स्नातक सहित एलीमेंट्री एजुकेशन(डिप्लोमा)की शिक्षा प्राप्त की हैl साहित्य अलंकार की उपाधि भी हासिल हैl आपका कार्यक्षेत्र-नौकरी(विद्यालय में शिक्षक) हैl सामाजिक गतिविधि में आप सामान्य जनकल्याण के कार्य करते हैंl लेखन विधा-कविता एवं लेख हैl इनकी लेखनी का उद्देश्य-सामाजिक बुराइयों को दूर करने के साथ-साथ देशभक्ति भावना को विकसित करना हैl पसंदीदा हिन्दी लेखक-प्रेमचन्द जी हैंl विशेषज्ञता-पढ़ाना एवं कविता लिखना है। देश और हिंदी भाषा के प्रति आपके विचार-“हिंदी हमारे देश का एक अभिन्न अंग है। यह राष्ट्रभाषा के साथ-साथ हमारे देश में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसका विकास हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए अति आवश्यक है।