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शिक्षा देती संस्कार

आरती जैन
डूंगरपुर (राजस्थान)
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युवा आएंगे जब,
शिक्षा के करीब
तब एक नहीं…सात,
पीढ़ी का बनेगा नसीबl
कोई युवती उसे नहीं,
लगेगी वस्तु और माल
कहावत में भी नारी को,
नहीं बोलेगा `मुर्गी` और `दालl`
शिक्षा देगी संस्कारों,
से भरी हुई तमीज
बुढ़ापे में पापा को देगा,
बेटा़ प्यार से एक कमीजl
शिक्षा देती है सच्चे,
मानवता के संस्कार
सांचे में ढाल कर देगी,
उसे सही आकारl
लड़की को तापमान की,
तरह नहीं बोलेंगे `हॉट`
कोई नही नापेगा लड़की,
के कपड़े कितने हैं शॉर्टl
किताबें समझाएगी क्या,
होता है पराया दर्द
तब सामने आएगा वो,
सच्चा और प्यारा मर्दl
युवाओं आएंगे जब,
शिक्षा के करीब
तब एक नहीं…सात,
पीढ़ी का बनेगा नसीबll

परिचय : श्रीमती आरती जैन की जन्म तारीख २४ नवम्बर १९९० तथा जन्म स्थली उदयपुर (राजस्थान) हैl आपका निवास स्थान डूंगरपुर (राजस्थान) में हैl आरती जैन ने एम.ए. सहित बी.एड. की शिक्षा भी ली हैl आपकी दृष्टि में लेखन का उद्देश्य सामाजिक बुराई को दूर करना हैl आपको लेखन के लिए हाल ही में सम्मान प्राप्त हुआ हैl अंग्रेजी में लेखन करने वाली आरती जैन की रचनाएं कई दैनिक पत्र-पत्रिकाओं में लगातार छप रही हैंl आप ब्लॉग पर भी लिखती हैंl

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