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इसको जीना कहते हैं!

रीना गोयल
यमुना नगर(हरियाणा)
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भड़क रही सीने में पल-पल,आग नफरतों की यह कैसी,
दुखी हृदय सब देख विकल है,क्या इसको जीना कहते हैं ?
भ्रष्ट हो गयी राजनीति है,भूल चुकी ईमान तभी ये,
क्यों विनाश की और चले हैं,भ्रमित हुए इंसान सभी ये।
होली खेलें चलो रक्त से,चौड़ा कर सीना कहते हैं,
दुखी हृदय सब देख विकल है,क्या इसको जीना कहते हैं॥

चेहरे पर चेहरा रख घूमें,हैवानों की भीड़ बढ़ी अब,
अस्मत लुट जाए अबला की,क्या जाने किस दुखद घड़ी रब।
वस्त्रहीन कर जला जिस्म कर,रसिक ज़रा पीना कहते हैं,
दुखी हृदय सब देख विकल है,क्या इसको जीना कहते हैं॥

कैसी ये आजादी पायी,क्या अब झूमूं नाचूँ गाऊं!
जाति-धर्म टकराव देखकर,या रब जिंदा ही मर जाऊं!
कदर गँवा दी वही देश जो गौरों से छीना कहतें हैं,
दुखी हृदय सब देख विकल है,क्या इसको जीना कहते हैं॥

परिचय-रीना गोयल की जन्म तारीख १३ जनवरी १९७४ एवं जन्म स्थान-सहारनपुर है। वर्तमान में यमुना नगर (हरियाणा)में निवासरत रीना गोयल का स्थाई बसेरा जिला यमुना नगर ही है। हरियाणा राज्य की रीना गोयल ने स्नातक की शिक्षा पाई है। इनका कार्यक्षेत्र-गृहिणी का है। लेखन विधा-छन्द गीत और कविता है। कुछ सांझा संग्रह और विभिन्न समाचार पत्रों-पत्रिकाओं में भी इनकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं। रीना गोयल को प्राप्त सम्मान-पुरस्कार में काव्य शलाका प्रमुख है। आपकी लेखनी का उद्देश्य-कलम से समाज में जागरूकता का प्रयास करना है।

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