drashti

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यह ‘स्वतंत्रता दिवस’ कहलाता

दृष्टि भानुशालीनवी मुंबई(महाराष्ट्र) **************************************************************** स्वतंत्रता दिवस विशेष …….. हमारी धड़कती साँसें आज हैं केवल उनके कारण,सीना ठोक कर जिन्होंने किए थे बंद अपने नयन। १५ अगस्त को हर साल यह दिन […]

बस रखो थोड़ी हिम्मत

दृष्टि भानुशाली नवी मुंबई(महाराष्ट्र)  **************************************************************** जिंदगी की रेल सहसा थम-सी गई है, लोगों की हयात जैसे बिखर-सी गई है। जिस असुर ने हमारी खुशियों को छीन लिया, ना जाने कम्बख्त […]

चाय की चुस्की

दृष्टि भानुशाली नवी मुंबई(महाराष्ट्र)  **************************************************************** सुबह-सवेरे उठकर देखा सूरज दादा बुला रहे हैं, “आँखें खोलकर देख तू बेटा पतीले में तेरे शून्य ब्रह्माण्ड हैl” आदत से मजबूर हूँ भइया यदि […]

मेरा रफ़ीक

दृष्टि भानुशाली नवी मुंबई(महाराष्ट्र)  **************************************************************** हयात की एक ह़कीकत सुनो, मसरूफ़ हैं सब अपनी जिंदगी में। हसीन लम्हों में सब होंगे साथ, अलविदा कहेंगे वक्त-ए-गर्दिशों में। गर्दिश वक्त में एहसास […]

नारी गाथा…

दृष्टि भानुशाली नवी मुंबई(महाराष्ट्र)  **************************************************************** मैं हूँ तो ये संसार है, स्त्री कहो,कांता या भामिनी। दर्प है मुझे इस बात का, कि हूँ मैं इस विश्व की नारी॥ आसान नहीं […]