अमृत सुधा
शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान) ********************************************************************************* समुद्र मंथन प्रसंग…………. तपता सूरज आग लगाये चन्द्र सुधा बरसाये, बहुत जरूरी है दोनों ही मानव जीवन पाये। मथा जलधि को देव दानवों ने घट विष का पाया, कैसे सृष्टि बचेगी इससे समझ यही नहीं आया। देवों की विनती सुन भोले जहर पी गये सारा, इस सृष्टि को घोर … Read more