पितृ पक्ष:भरपूर आशीर्वाद प्राप्ति

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ********************************************************** इस वर्ष २ से १७ सितम्बर तक पूरे १६ दिनों का पितृ पक्ष है। पितरों की आत्मा की शांति के लिए,पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने एवं पितृ दोष निवारण के लिए ये दिन अत्यधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पूरे साल की अमावस्या तथा इन दिनों पितृ तर्पण,पिंड दान,ब्राह्मण भोजन,दान,कुआं-तालाब का निर्माण,पौधरोपण,नारायण बलि-नाग … Read more

भाव देशहित का हर पल हो

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ************************************************************* कटी गुलामी की जंजीरें,है तन-बदन स्वतंत्र हमारा।अमर शहीदों की कुर्बानी,विजय निशान,तिरंगा प्यारा॥ खींच राष्ट्र को अंधकारमय,बीहड़ से बाहर ले आए।युवा शक्ति को नयी दिशा दे,नवजीवन के पुष्प खिलाए॥ रग-रग बढ़ी क्रांति की ज्वाला,श्रम-जल-कण मोती बिखराए।अनय पंथ का किया विखंडन,सत्य,न्याय की ज्योति जगाए॥ मातृभूमि के संरक्षक बन,तुमने दुश्मन को ललकारा।अमर शहीदों की कुर्बानी,विजय … Read more

जन्म

नरेंद्र श्रीवास्तवगाडरवारा( मध्यप्रदेश)***************************************************************** सड़क के किनारे साहब का बंगला था। उन्हें शायद कुत्ते पालने का शौक था। उन्होंने २ बड़े खूंखार कुत्ते पाल रखे थे। फटे-पुराने,टूटे-फूटे सामान इकठ्ठे करने वाले ७-८ साल के २ लड़के उस बंगले के पास से गुजरे।बंगला देखकर एक बोला-‘क्यों छोटू! कितना सुंदर बंगला है ? मगर कुत्तों के कारण कितना … Read more

प्रभु बारम्बार प्रणाम तुम्हें

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ************************************************************* हे जगनियंता,जग नायक,हे जगदा धार प्रणाम तुम्हेंlएक दंत,हे ज्ञान वंत,प्रभु बारम्बार प्रणाम तुम्हेंll हो खल गंजन,तुम दुःख भंजन,हो जन रंजन,अभिराम तुम्हीं।हो निराकार तुम निर्गुण हो,साकार रूप निष्काम तुम्हींll काम,क्रोध,मद,लोभ,मोह,छल,दंभ,द्वेष,दुःख नाशी हो।तुम अन्तर्यामी,जग स्वामी,कण-कण,घट-घट में वासी होll हे लम्बोदर,हे विघ्नेश्वर,हे परम उदार प्रणाम तुम्हें।हे एक दंत,हे ज्ञान वंत,प्रभु बारम्बार प्रणाम तुम्हेंll तुम भुव … Read more

शिव स्तुति

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ********************************************************************* नाग काला,मुंड माला,मस्तक विराजे चन्द्रउमा पति,काम रिपु,शूल चक्रधारी हैं।डमरू लिए हैं कर,ओढ़े मृगछाला तनभस्मी रमाए अंग,जटा गंग धारी हैंllमारा हैै जलंधर को,असुरों का नाश कियादानियों में औघड़ हैं,संत सुखकारी हैं।भाग्य को बनाने वाले,भक्तों के रखवालेनंदी की सवारी,नीलकंठ त्रिपुरारी हैंll परिचय-प्रख्यात कवि,वक्ता,गायत्री साधक,ज्योतिषी और समाजसेवी `एस्ट्रो अमल` का वास्तविक नाम डॉ. शिव शरण … Read more

जिन्दगी के रूप

नरेंद्र श्रीवास्तवगाडरवारा( मध्यप्रदेश)***************************************************************** कहीं तेज तर्रार जिन्दगी,कहीं फूल का हार जिन्दगी। कहीं बर्फ-सी ठंडक रखे,कहीं सुर्ख अंगार जिन्दगी। कहीं माथे की बिंदिया जैसी,कहीं पायल झंकार जिन्दगी। कहीं ज्येष्ठ की दुपहरी-सी,कहीं सावन फुहार जिन्दगी। कहीं जिन्दगी अँसुवन भीगी,कहीं लगे खुशगवार जिन्दगी। कहीं पेड़ खजूर-सी लगती,कहीं कदम की डाल जिन्दगी। कहीं जिन्दगी बरस सरीखी,कहीं लगे दिन चार … Read more

राम काज कीजिए

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ********************************************************************* राम जन्म भूमि का विरोध करने वालों से,कहता हूँ एक बात कान खोल लीजिएबाबर न पूर्वज तुम्हारा है,हमारा है,इसलिए बाबर का नाम मत लीजिए।एक दुराचारी,अनाचारी,आक्रांता को,मस्जिद से जोड़ बदनाम मत कीजिएराम का ये देश जिसके हम-तुम वासी सब,सच्चे देशभक्त बन,राम काज कीजिएll परिचय–रायपुर में बैंक में वरिष्ठ प्रबंधक के पद पर कार्यरत … Read more

नहीं रवैया बदला तो…

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ********************************************************************* चीन तुम्हारी दखलंदाजी,अब बर्दाश्त नहीं होगी, षड्यंत्रों की घृणित चाल,बिलकुल भी सहन नहीं होगी। एक बार तुमने पहले ही,कायरता दिखलाई थी, पंचशील में मगन रहे हम,तुमने सेंध लगाई थी। हम ठहरे भोले-भाले,निश्चिन्त हुए ही बैठे थे, हिंदी-चीनी,भाई-भाई,इस नारे में ऐंठे थे। पर तुमने गद्दारी कर,धोखे से हमला बोला था, भाई-चारे की बगिया … Read more

भारतीय संस्कृति और `कोरोना` संकट का एकांतवास

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** विश्व में हमारी संस्कृति की एक अलग पहचान है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व भी है और गौरव भी। हमने सृष्टि के महत्व को समझा,जाना और सम्मान किया है। सृष्टि एवं सृष्टिकर्ता को ईश्वर माना है,सर्वश्रेष्ठ और परम पूजनीय मानकर उन्हें शत-शत नमन किया है। हमारी संस्कृति ने ईश्वर द्वारा … Read more

लौट आओ…

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** ये रास्ता, जो तुम्हें ले जा रहा है, नदी से रेत उलीचने। ये रास्ता, जो तुम्हें ले जा रहा है, टीले से मिट्टी निकालने। ये रास्ता, जो तुम्हें ले जा रहा है, पहाड़ से खनिज निकालने। ये रास्ता, जो तुम्हें ले जा रहा है, जंगल से पेड़ काटने। ये वो … Read more