रचनाशिल्पी चाँदनी सेठी ‘प्राइड ऑफ़ वुमन’ से सम्मानित

नई दिल्ली। ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ के उपलक्ष्य में १० मार्च को आगमन साहित्यिक समूह द्वारा उर्दू घर(नई दिल्ली) में ‘फैंटास्टिक फीमेल के सीजन-२’ महिला लेखिकाओं को सम्मानित किया गया। इसमें हिंदीभाषा डॉट कॉम परिवार की रचनाशिल्पी चाँदनी सेठी कोचर को ‘प्राइड ऑफ़ वुमन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न प्रान्तों … Read more

फाग

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** होली के रंग सुहाने लगे, जबसे श्याम ख़्वाबों में आने लगे। रंग रंगीली होली आई, प्यारे श्याम की पाती आई। रंग अबीर की होली आई, बरसाने में रंग गुलाल उड़े। जबसे श्याम ख्वाबों मे आने लगे, होली के रंग सुहाने लगे…॥ ललिता ने मारी भर पिचकारी, राधा की भीगी गुलाबी सारी। … Read more

प्रीत का उत्सव होली

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** होली उत्सव प्रीत का, मचा रंग का हाट हर दिन फागुन प्रीत के, नवल पढ़ाये पाठ। नयनों ही नयनों हुए, रंगों के संकेत रह-रह महके रातभर, केशर कस्तूरी के खेत। प्रीत महावर की तरह, इसके अलग हैं रंग बतियाती पायल हँसे, हँसे ऐड़ियाँ संग। रंगमयी आईने, बिसरे सभी गुमान जो … Read more

जैसा मैं सोचता हूँ

सतीश विश्वकर्मा ‘आनंद’ छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) ****************************************************************************** शब्द मैंने लिखे जो अमर हो गए। कुछ तो ऐसे लिखे कि समर हो गए। बारहा वो सितम मुझपे करता रहा, मैंने हमले किये जो कहर हो गए…। हमने ज़मज़म समझकर जिसे पी लिया, ज़िन्दगी के वो प्याले ज़हर हो गए…। तेरी आगोश में खुद को बेखुद किया, सारी … Read more

नारी

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* (रचना शिल्प: विधान-१२२२,१२२२,१२२२,१२२२ = २८ मात्रा १२२२,१२२२,१२२२,१२२२ = २८ मात्रा १,७,१५,२२वीं मात्रा लघु अनिवार्य) बताओ कौन है ऐसा,मही नारी न हो जाया। सिखा ईमान भी इनको,सखे बेबात भरमाया। करें हम मान नारी का,सदा इंसान कहलाएँ, इबादत हो अमानत की,यही संसार में माया। करें सम्मान जननी का,विरासत ये चलाती है। सभी दु:ख … Read more

मैं हूँ नारी

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* मैं ही तो वह नारी हूँ, जो सिंदूर देशहित वारी हूँ। बेटे के माथे तिलक लगा, सीमा पर मैं विदा कराती हूँ। जब ओढ़ कफन तिरंगा आता, अश्रु आँचल में छुपाती हूँ। मैं शेरनी महतारी हूँ, हाँ मैं वही नारी हूँ…॥ मैं रिद्धि हूँ,मैं सिद्धी हूँ, मैं ही तो मात … Read more

ये कैसी मोहब्बत

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ जबसे मिली है नजरें, बेहाल हो रहा हूँ। तुमसे मोहब्बत करने, कब से तड़प रहा हूँ॥ कोई तो हमें बताये, कहाँ वो चले गए हैं। रातों की नींद चुराकर, खुद चैन से सो रहे हैं॥ ये कमबख्त मोहब्बत, क्या-क्या हमें दिखाए। खुद चैन से रहे वो, हमें क्यों रोज रुलाये॥ करना … Read more

कड़वी चाय

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* “ये फौजी साहब भी महान हैं,इन्हीं के भरोसे हम सब चैन की नींद सोते हैं।” लोकल ट्रेन की सीट पर ताश बांटते हुए रमेश ने कृतज्ञता प्रकट की। “अरे बांट ना यार ताश!” बीच में टोकते हुए खेल के प्रतिभागी नवीन ने कहा। बेचारा फौजी सामान के साथ चुपचाप … Read more

प्यार लाया हूँ

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** जमाने की दुआओं का तोहफा साथ लाया हूँ, कोई रंजो-रश्को गम नहीं, दुनिया का प्यार लाया हूँ। गुजरे वक्त में, दर्द दिल को खुशियाँ हज़ार लाया हूँ। मैं तो जिन्दगी की मंजिलों की उड़ान हूँ, मुश्किल जिन्दगी के दौर के जालिम जमाने में, जिन्दगी का नया अंदाज लाया हूँ। … Read more

सत्य मार्ग बहुत कठिन

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** मेरा जीवन बिखरे मोती, घुप अंधेरा नहीं ज्योति। सत्य मार्ग बहुत कठिन, आसान राह झूठी होती। मुर्दे कफन फाड़ के बोलें, जिंदगी चुप्पी साधे रोती। दुनिया की है रीत पुरानी, फूलों के संग कांटे बोती। वादियां नहीं वीराने होते, किस्मत यदि यूँ ना सोती॥ परिचय-इंदु भूषण बाली … Read more