गुरु-शिष्य परम्परा की जीवंतता के लिए नई क़लम ने लगाई ‘काव्य की पाठशाला’

इंदौर (मप्र.)। गुरु,शिक्षक,प्रशिक्षक ये सभी पर्याय उस विराट व्यक्तित्व को संबोधित करते हैं,जो हमारे जीवन में निर्णायक भूमिका निभाते हुए हमें योग्य बनाते हैं। इसी गुरु-शिष्य परम्परा को पुन: जीवंत करने का प्रयास करते हुए संस्था नई क़लम द्वारा ‘काव्य की पाठशाला’ का शुभारंभ किया गया।संस्था उपाध्यक्ष कवि विनोद सोनगीर ने बताया कि ‘काव्य की … Read more

प्रेम में है जीवन

रूपेश कुमार सिवान(बिहार)  ******************************************************** ‘प्रेम’ में है जीवन की सब खुशियाँ यहाँ,प्रेम में है जीवन की सब दुनिया यहाँl प्रेम में है जीवन की सब रुसवाईयाँ,प्रेम में है जीवन की सब रंगरेलियाँl प्रेम में है जीवन की परिकल्पना,प्रेम में शामिल है हर आत्माl प्रेम में है हर दीवानगी,प्रेम में है हर आवारगीl प्रेम में है … Read more

सुहानी शाम के साए

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’कोरबा(छत्तीसगढ़)******************************************** सुहानी शाम के साये उन्हें घर पर बुलाते हैं,कभी आये वो घर पर गहन प्रीति जताते हैं। अंधेरे व उजालों में रोशन से थे पैमाने,छुअन की झिलमिलाहटों में वो दूरी मिटाते हैंl धुंध के पार जाओ तो,नदी का इक किनारा था,पानी की वो चुप्पी थी,उजाले पार जाते हैं। उजालों की शक्ल देती … Read more

षटरस प्रदान करतीं कविताएँँ जीवन वीणा

राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’टीकमगढ़(मध्यप्रदेश) ********************************************************************* अनीता श्रीवास्तव बहुमुखी प्रतिभा की धनी है। शिक्षण कार्य करने के साथ-साथ साहित्य लेखन में भी रुचि रखती हैं। उनका काव्य संग्रह ‘जीवन वीणा’(अंजुमन प्रकाशन,प्रयागराज) अपने १८४ पृष्ठों के आकार में ढेर सारी कविताओं को समेटे है। इसे लेखिका ने ४ प्रमुख भागों में बाँटा है-भाग-१ में ७७ कविताएँ,भाग-२ में ४६ … Read more

लालजी टंडन:राजनीति में नैतिक मूल्यों के एक युग की समाप्ति

ललित गर्गदिल्ली ******************************************************************* उत्तरप्रदेश की राजनीति के शीर्ष व्यक्तित्व एवं मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का ८५ वर्ष की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया। उनका निधन न केवल उत्तर प्रदेश,देश की राजनीति बल्कि भाजपा के लिए बड़ा आघात है,अपूरणीय क्षति है। उनके निधन को राजनीति में चारित्रिक एवं नैतिक मूल्यों के एक युग … Read more

बेकरारी

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) ********************************************************* सुबह से शाम हो गयी इंतज़ार में,धूप की तपिश-छाँव में,हवाओं में तेरे आने की खुशबू वक्त गुजर गया बेकरार के इंतज़ार में। आए न आए तुम लम्हों बहार में,मायूसी का आलम,तेरे न मिलने का गम,जाने कब ख़्वाबों में आ गए। रातभर तेरी याद में कभी जागता-सोता, करवटें बदलते रहे हम,हसीन … Read more

जीना सिखा दे तू…

गरिमा पंत लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************************* जीवन क्या है ? ये बता दे तू,सारे गमों की दवा दे तूहँसते-रोते कट जाती है ज़िन्दगी,जिन्दगी को जीना सिखा दे तू।धूप-छाँव में मिट गये जीवन के तजुर्बे,साँस लेना सिखा दे तूदौलत कमाना तो बहुत आसान है,दूसरे के आँसू पोंछना सिखा दे तू।जीना-मरना तो एक प्रक्रिया है,मरने के बाद जीना सिखा दे … Read more

अभा साहित्य सदन की काव्य गोष्ठी में बही रसधार

मंडला(मप्र)। अखिल भारतीय साहित्य सदन की ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता डॉ. नमिता राकेश द्वारा की गई। मुख्य अतिथि के रूप में कर्नल प्रवीण त्रिपाठी और विशिष्ट अतिथि भगत सिंह राणा ‘हिमाद’ थे।डाॅ. राजीव पांडेय के कुशल संचालन में इस गोष्ठी का शुभारंभ किया गया। सर्वप्रथम मंच पर संस्था अध्यक्षा कुसुम लता … Read more

सामाजिक समस्याओं को उकेरता द्वन्द

राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** पटना के रचनाकार कवि आशुतोष कुमार झा ने अपने द्वन्द काव्य संकलन(नई दिल्ली) में सामाजिक समस्याओं को अपनी कविताओं का विषय बनाते हुए भ्रष्टाचार, भुखमरी,बढ़ती महँगाई,मजदूरों के ताजा हालातों के साथ ही देश के विभिन्न त्योहारों व राष्ट्रीय पर्वों पर आधारित रचनाएँ लिखी है। इस संकलन में अंगार से लेकर श्रृंगार … Read more

मेरा सुंदर गाँव निराला

आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** मेरा सुंदर गाँव निराला। हर्षित मन को करने वाला।शुद्ध हवा जो निसदिन आये। तन-मन को सब शुद्ध बनाये॥ पंक्षी मधुरिम गीत सुनाते। चीं-चीं करके हृदय लुभाते।निर्मल वातावरण लुभाता। सेहत सबके मन को भाता॥ गोबर के कंडे से जानो। धुँआ मारता मच्छर मानो।घर-आँगन है मन को भाता। गोबर से जब है लिप … Read more