‘आर्टिकल १५’ वसुदेव कुटुम्बकम पर प्रहार

इदरीस खत्री इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************* निर्देशक-अनुभव सिन्हा,लेखक-गौरव सोलंकी और अनुभव सिन्हा की इस फिल्म में अदाकार -आयुष्मान खुराना,जीशान अय्यूबी,कुमुन्द मिश्रा,रूनीजीनि चक्रवर्ती,नासेर एवं मनोज पाहवा है। संगीत-अनुराग सेकिया ने दिया है। फ़िल्म से पहले- जिस देश के आदर्श श्रीराम जी ने वनवासी शबरी के झूठे बैर खाकर यह संदेश दिया हो कि सब समान हैं,उस देश में … Read more

कीर्तिशेषःयुग निर्माता स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरिजी

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** अध्यात्म,चेतना के प्रतीक भारतमाता मन्दिर के प्रतिष्ठापक ब्रम्हानिष्ठ स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि जी महाराज वर्तमान युग के विवेकानन्द थे। २६ वर्ष की अल्प आयु में ही शंकराचार्य पद पर सुशोभित हुए और दीन-दुखी,गिरिवासी, वनवासी,हरिजनों की सेवा और साम्प्रदायिक मतभेदों को दूर कर समन्वय,भावना का विश्व में प्रसार करने के लिए सनातन … Read more

मन में संजोकर रखने योग्य है `मन की अभिलाषा`

आरती सिंह ‘प्रियदर्शिनी’ गोरखपुर(उत्तरप्रदेश) ***************************************************************************************** बिहार की धरती में साहित्यकारों का उदभव कोई नई बात नहीं है। कहते हैं कि बिहार और साहित्य का अटूट नाता है। प्रखर गूँज प्रकाशन के सानिध्य में प्रकाशित इस एकल संग्रह मन की अभिलाषा के रचयिता डॉ.छेदीलाल केशरी भी इसका एक उदाहरण है। कैमूर बिहार के रहने वाले डॉ.केशरी … Read more

भारत वर्ल्ड-कप लाएगा…

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’ बूंदी (राजस्थान) ****************************************************************** धोनी-कोहली पर पूरा विश्वास, भारत वर्ल्ड-कप लाएगा। टीम-इंडिया बनी है कुछ खास, भारत वर्ल्ड-कप लाएगा। कपिल-सुनील ने किया था कमाल, जीता तिरयासी(१९८३) का जलवा-जलाल। धोनी-सचिन ने जलवा था दिखाया, वर्ल्ड-कप फिर से भारत को दिलाया। क्रिकेट-जन की आँखों में उजास, नाम अब भी जगमगाएगा। धोनी-कोहली पर पूरा … Read more

तेरे बगैर जीने की चाहत कभी न की

कैलाश झा ‘किंकर’ खगड़िया (बिहार) ************************************************************************************ (रचनाशिल्प: २२१२ १२१२ २२१२ १२) तेरे बगैर जीने की चाहत कभी न की, मैंने यहाँ कभी किसी से आशिकी न की। मुझको पसंद है वही अब आपकी पसंद, सच मानिए तो मैंने भी ग़लती बड़ी न की। आएँ हुजूर आपका स्वागत है हर घड़ी, उस बार आपसे तो मैंने … Read more

मित्र का फ़र्ज

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** कहने को तो सभी मित्र हैं,पर एक हमारी अर्ज़ है, विपदा में जो करे मदद,यही मित्र का फ़र्ज़ है। बिन बुलाए दौड़कर आए,कहे ना कोई हर्ज़ है, अपना समझे मित्र के दु:ख को,यही मित्र का फ़र्ज़ है। मित्र हो तो पानी-पय-सा,जो न कभी खुदगर्ज़ है, खुद जल कर बचाए मित्र … Read more

दिल का क्या कसूर

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** दिल का क्या कसूर है, जो तुमसे दिल लगा दिया। दिल ने तुम्हें चाहा, तुम्हें सब कुछ बता दिया॥ तुम्हारी चाहत को, खुद ने अब स्वीकार किया। इस दिल ने अब तुमसे, तुमसे ही तो प्यार किया॥ आज दिल मजबूर है, क्यों तुमसे आज दूर है। ये चाहत में हारा, फिर … Read more

बरसो मेघा रे….

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ सूखी है धरा- बरसो रे ओ मेघा… कर दो हरा। सूखे हैं ताल- कर दो हरियाली… भूखे हैं बाल। वन पुकारे- बढ़ता रेगिस्तान… जन हुँकारे। न तरसाओ- उमड़-घुमड़ के… बरस जाओ। तृषित तन- बरसो काले मेघा… हर्षित मन। परिचय–निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी जन्म … Read more

चुप्पी कहती है कुछ

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** चुप्पी मेरी कहती है कुछ। नदिया-सी बहती है कुछ। देशहित की बाजी मित्रों, आत्मबल चाहती है कुछ। रक्त खौला माँ भारती जो, प्रसव पीड़ा सहती है कुछ। अनेक शोध कर देखा मैंने, जीने में मृत्यु रहती है कुछ। नीर कहां यह रक्त है भाई, हृदय गंगा बहती … Read more

समन्दर

डॉ. लखन रघुवंशी बड़नगर(मध्यप्रदेश) ************************************************** पक्षियों को समंदर से प्यार है, वे जब भी पानी को छूकर अपने पंख फड़फड़ाते हैं, मानो समंदर की सोयी आत्मा को जगाते हैं। और सिर्फ नदियाँ ही समंदर में नहीं मिलती, अंततः सारे रास्ते भी समंदर में मिल जाते हैं। हम ज़मीन के रास्ते समंदर की यात्रा करते हैंll