नशा

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* ये दुनिया एक मयखाना है, जिसे देखो वही दीवाना है। शोहरत का कोई दौलत का, औरत का तो कोई मय का दीवाना है। खाने का तो कोई सोने का, किसी को पढ़ने का,हमको लिखने का नशा पुराना है। शोहरत जब जब बढ़ती है, नशा अहम का छा जाता … Read more

इच्छा किसान की

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** नहीं है इच्छा मैं अमीरों में गिना जाऊँ, नहीं है आशा मैं दुनिया की सैर पाऊँ। नहीं है इरादा मैं बैठा हुआ आराम करूँ, नहीं है कामना कि स्वर्ग पा हर्षाऊँ। नहीं भाता मैं गर्मियों में ए.सी. लगाऊँ, नहीं चाह कि मैं सर्दियों में हीटर लाऊँ। नहीं इच्छा … Read more

गुरुदेव को नमन मेरा

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ आचार्य श्री विद्यासागर जी को समर्पित…….. हे धरती के देव दिगम्बर, तुम्हें नमन मेरा। तेरे पदचिन्हों पर गुरुवर, रहे गमन मेरा॥ भारत की चैतन्य धरोहर, जिन्मुद्रा धारी। महावीर की महाविरासत, प्राणों से प्यारी। जिनशासन जयवंत रहेगा, चरित लाख तेरा। तेरे पदचिन्हों पर गुरुवर, रहे गमन मेरा, हे धरती के देव दिगम्बर…॥ … Read more

शरणार्थालय भारत हमारा

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** शरणार्थालय भारत हमारा है, यह जान से भी ज्यादा प्यारा है। यहाँ जो भी आए सादे मन से, हमने उसको स्वीकारा है। शरणार्थालय देश हमारा है, यह जान से भी ज्यादा प्यारा है॥ खुशबू इसकी मिट्टी में है, जिसको यह दिल से भाता है। वह छोड़ स्वर्ग-सा सुख सारा, भारत … Read more

मैं तलवार उठाऊंगा

मानकदास मानिकपुरी ‘ मानक छत्तीसगढ़िया’  महासमुंद(छत्तीसगढ़)  *********************************************************************** दुष्कर्मी को फाँसी दो,वरना मैं तलवार उठाऊंगा, मासूम के हत्यारों को चौराहे पर मार गिराऊंगा। उम्रकैद की सजा सुनाकर,गुनाहगार को पाल रहे हो, ऐसे न्याय के देव के सम्मुख,मैं मस्तक नहीं झुकाऊंगा। नारी के हरण पर मौत हो वह युग पुनः मैं लाऊंगा, मैं भारत में देवी शक्ति … Read more

जो जोखिम लेते,वे रचते इतिहास

सत्यम सिंह बघेल लखनऊ (उत्तरप्रदेश) *********************************************************** खुद को आरामदायक स्थिति में बनाए रखने के लिए हम परिस्थितियों को ही वजह बनाते रहते हैं। कभी समय का अभाव,कभी भाग्य को दोष देना,तो कभी आर्थिक,शारीरिक,मानसिक स्थिति को ढाल बनाकर खुद को कमजोर साबित करते रहते हैं। सच तो यह है कि,हम भागते हैं, वास्तविकता से दूर भागते … Read more

बादल,बरसो ना..

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** बरसों ना तुम ऐ बादल, ना तरसाओ भीगे तन-मन छिटकें मोती के दाने, सज जाये घर का आँगनl बरसो ना… बाट निहारे धरती प्यासी, झुलसा रही तपती गर्मी सूख रही डाली-डाली, पेड़ों पर छाई उदासीl बरसो ना… रिमझिम छाए जब घटाएं, पेड़ों पर मस्ती लहराए झूमे पत्ते-पत्ते मुस्काए, आँखें हर पल … Read more

मंचीय कविता के भीष्म पितामह थे मालवा के मधुर गीतकार मोहन

लेखक संघ ने दी नगर के लाड़ले कवि को भावभीनी श्रद्धांजलि उज्जैन(मध्यप्रदेश)। हिन्दी और मालवी के सुप्रतिष्ठित कवि गीतकार मोहन सोनी का निधन उज्जैन की काव्य परम्परा की एक ऐसी क्षति है,जिसकी पूर्ति कभी संभव नहीं होगी। मोहन सोनी के साथ उज्जैन की काव्य परम्परा के एक युग का अंत हो गया। उन्होंने लगातार चार … Read more

शरणार्थी भी है इंसान

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी दिवस विशेष……….. शरण में आए, शरणार्थी बनकर लोकप्रियता निभाएं, मेहनती बनकर। प्रेम बढ़ाएं, मीठा बोलकर आस लगाए, शरण में रहकर। नमन किए हम, मिट्टी छू कर ईमानदारी दिखाई, सदा सच बोलकर। रूप सजाया, माली बनकर मानव बना मैं, सेवक बनकर। फूल उगाए, मिट्टी खोद कर एकता बनाई, गोली खाकर। … Read more

जो कोई आया, माँ भारती ने अपनाया

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी दिवस विशेष……….. जो क़ोई शरण में आया माँ भारती ने अपनाया, मेरे भारत ने अपनाया। मेरे भारत की विशाल छाती, सबको गले लगाती। अपनी दरियादिली का परचम, विश्व में लहराया। जो कोई… सौहार्द हृदय लेकर, वह गोद में बैठाती। क्या हिन्दू,क्या मुस्लिम, क्या सिक्ख,क्या इसाई। माँ की स्नेह धारा, … Read more