तुम ही थे रहबर
शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** गांधी तुम्हारे बिन ये देश है बंजर,आँखें बनी हुई हैं इक खारा समुंदर। लड़ते हैं भाई-भाई आपस में अब यहाँ,ताने हुए रहते हैं सभी हाथ में खंज़र। तुमने पढ़ाया पाठ अहिंसा का था हमें,ताण्डव यहाँ हिंसा का होता है निरंतर। लोगों के दिल में आपसी सद्भाव ना रहा,क्या होगा नतीज़ा कुछ … Read more