तुम ही थे रहबर

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** गांधी तुम्हारे बिन ये देश है बंजर,आँखें बनी हुई हैं इक खारा समुंदर। लड़ते हैं भाई-भाई आपस में अब यहाँ,ताने हुए रहते हैं सभी हाथ में खंज़र। तुमने पढ़ाया पाठ अहिंसा का था हमें,ताण्डव यहाँ हिंसा का होता है निरंतर। लोगों के दिल में आपसी सद्भाव ना रहा,क्या होगा नतीज़ा कुछ … Read more

आँख में पानी नहीं

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************* मुखौटे का कोई सानी नहीं है।सही औकात पहचानी नहीं है। जुबां पर राम के गाने बसे थे,उसी की आँख में पानी नहीं है। खरी-खोटी हमारी क्यों सुनेगा,जवानी लौटकर आनी नहीं है। निगाहों में न देखी शर्म मैंने,जरा सी सिकन पेशानी नहीं है। जमाने से भला वो भी डरे क्यों,किसी ने इश्क … Read more

नयना तुम्हारे बोल पड़ते हैं

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** अँधेरे मुस्कुराते हैं उजाले बोल पड़ते हैं।वो जब तशरीफ़ लाते हैं तो रस्ते बोल पड़ते हैं। सितम ‘की इन्तिहा होने पे गूँगे बोल पड़ते हैं।परिन्दे ‘फड़फड़ाते हैं तो पिंजरे बोल पड़ते हैं। तुम्हारे ह़ुस्ने ज़ेबा की झलक पाते ही ऐ दिलबर,निगाहें ‘रक़्स करती हैं नज़ारे बोल पड़ते हैं। हम अपनी हार … Read more

दिन ख़ुशी के आयेंगे

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** कहने को आप कह’ दें के अम्न-ओ-अमान है।खौफ़-ओ-ख़तर के साए में चुप हर ज़ुबान है। घेरे हुए हैं आज हमें ग़म तो क्या हुआ,दिन फिर ख़ुशी के आयेंगे यह इतमिनान है। अम्न-ओ-अमान,चैनो सुकूँ,मेल ‘जोल में,सानी ‘न जिसका कोई ‘वो हिन्दोस्तान है। बैठे ‘हैं आज हारे हुए बाज़ की तरह,आपस के इन्तेशार … Read more

अपने-अनजाने

रेणू अग्रवालहैदराबाद(तेलंगाना)************************************ मुफ़लिसी में अपने अनजाने हुए जाते हैं।दौलत देख ग़ैर भी जाने पहचाने हुए जाते हैं। पढ़-लिख कर जब दौलत कमाने लगे बेटे,उनके बेढंग हौंसले मनमाने हुए जाते हैं। नया ज़माना नई-नई मुसीबतें लेकर आया है,उनके क़दमों रूख़ मयख़ाने हुए जाते हैं। बेटियाँ बेहया हो ससुराल में टिकती नहीं,‘लिव इन रिलेशन’ के बुतखाने हुए … Read more

कोई इशारा न कीजिए

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** मेह़फिल में आप कोई इशारा न कीजिए।बदनाम हमको ऐसे ‘ख़ुदारा न कीजिए। इक बार का ही ज़ख़्म न भर पाया आज तक,उल्फ़त की बात हमसे दुबारा न कीजिए। नाज़ ओ अदा का आपकी घट जाएगा वक़ार,हम ‘जैसे आशिक़ों ‘से किनारा न कीजिए। हँसते ही ‘हँसते छलकें ‘न आँखों के मयकदे,इतना ख़याल … Read more

वादा निभाने आओ

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** मिलने-‘मिलाने आओ ‘हँसने-हँसाने आओ।ख़्वाबों में ही सही तुम दिल गुदगुदाने आओ। हो जाए शाम रंगीं बन जाए शब की क़िस्मत,ह़ुस्नओ अदा के गर तुम जलवे दिखाने आओ। तड़पें तुम्हारी ख़ातिर ‘कब तक ह़ुज़ूरे वाला,तुम’ भी कभी तो हमसे उल्फ़त जताने आओ। शायद के हँस पड़े यह तन्ह़ाईयों में ग़म की,बीमार दिल … Read more

मिला न कोई भी तुम्हारे बाद

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** जश्न-ए-बहाराँ जब भी मनाया तुम्हारे बाद।तन्हा ही ख़ुद को पाया हमेशा तुम्हारे बाद। हमको ‘मिला न कोई भी तुम-सा तुम्हारे बाद।अब कौन देगा हमको सहारा तुम्हारे बाद। तुम ‘ही मिरे ह़बीब हो तुम ‘ही मिरे तबीब,देखेगा कौन ज़ख़्म जिगर का तुम्हारे बाद। यह भी नहीं ‘है याद तुम्हारी क़सम हमें,दर्पन भी … Read more

तुम परमात्मा सबके

रेणू अग्रवालहैदराबाद(तेलंगाना)************************************ जन्माष्टमी विशेष….. कान्हा तेरी भक्ति से निहाल हो जाती हूँ।हूँ साधारण पर क़भी कमाल हो जाती हूँ। तेरी भक्ति में किया सबकुछ अर्पण मैंने,तेरे प्यार में ग़ुलाबी कभी लाल हो जाती हूँ। मूरत देखूँ जब जब तेरी तो देखती ही रहूँ,तुम सच में नज़र आये तो बेहाल हो जाती हूँ। कामरूप मेरे कान्हा … Read more

फिर से आ जाओ सनम

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** इक ‘ज़रा-सी देर ‘को हँसने-हँसाने के लिए।मयकदे में आ गए हम ‘ग़म भुलाने के लिए। क्या करूँगा ग़ैर के दरबार में जा कर भला,तेरा दर काफ़ी है मुझको सर झुकाने के लिए। आसमाँ छूने की यारों और भी तरक़ीब ‘है,ऐड़ियों को क्या उठाना क़द ‘बढ़ाने के लिए। तीर मारे संग फैंके … Read more