कुछ ख्वाब अधूरे से…
डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** मेरा वजूद कोई छोटी कहानी नहीं था, बस पन्ने जल्दी भर गए…जिन्दगी में ख्वाब देखने का सबको अधिकार है,पर जरूरी नहीं वह पूरे हो जाएं। मेरी भी जिन्दगी इसी तरह की है। आज ये वाक्य देख कर ५० साल पहले की सारी बातें चल चित्र की तरह घूमने लगी। एक तितली की … Read more