संकट:भारत का सिकुड़ता मध्यम वर्ग

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* ‘कोरोना’ की महामारी के दूसरे हमले का असर इतना तेज है कि लाखों मजदूर अपने गाँवों की तरफ दुबारा भागने को मजबूर हो रहे हैं। खाने-पीने के सामान और दवा-विक्रेताओं के अलावा सभी व्यापारी भी परेशान हैं। उनके काम-धंधे चौपट हो रहे हैं। इस दौर में नेता और चिकित्सक लोग ही ज़रा … Read more

हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को बचाने में सहायता कीजिए…

डॉ. अशोक कुमार तिवारी********************************* ओमान से हिंदी शिक्षक की गुहार जैसे मैं पहले लिख चुका हूँ सीबीएसई से सम्बद्ध इंडियन स्कूल निजवा ओमान से हिन्दी भाषी हिन्दी शिक्षक-शिक्षिकाओं को षड्यंत्र करके हटाकर हिन्दी भाषा को कमजोर किया जा रहा है। ये बातें लिखने पर विद्यालय वाले जेल में बंद करवा देने की धमकियाँ दे रहे … Read more

विदेश नीतिःमौलिक पहल जरुरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* अन्तरराष्ट्रीय राजनीति का खेल कितना मजेदार है, इसका पता हमें चीन और अमेरिका के ताजा रवैयों से पता चल रहा है। चीन हमसे कह रहा है कि हम अमेरिका से सावधान रहें और अमेरिका हमसे कह रहा है कि हम चीन पर जरा भी भरोसा न करे, लेकिन मेरी सोच है कि … Read more

‘आयातित साँसें’…आत्मचिंतन…विवशता

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** देश में ‘कोरोना’ के कहर के चलते चिकित्सा ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए विदेशों से ऑक्सीजन आयात करने का मोदी सरकार का फैसला सही है। एक तरह से यह जीवनरूपी साँसें आयात करने का अहम फैसला है,लेकिन इस फैसले का व्यावहारिक असर दिखने में वक्त काफी लगेगा। इसी तरह … Read more

भ्रामक विज्ञापनों से बचें उपभोक्ता

रोहित मिश्र,प्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** सुबह-सुबह अखबार के पृष्ठ को पलटा तो मेरी नजर अखबार के विज्ञापन पृष्ठ पर चली गर्ई,पूरा एक पृष्ठ तो छोटे-छोटे विज्ञापन के स्तम्भों से पटा पड़ा था।एक स्तम्भ देखा तो ऐसे लग रहा था कि,लोग बेवजह ही सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर कोसते रहते है। तुम पढ़े-लिखे हो या अनपढ़… ३०-४० हजार … Read more

शांति हेतु भगवान महावीर के उपदेश आज भी सार्थक

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)************************************** ढाई सौ साल से अधिक वर्षों के बाद भी भगवान महावीर के उपदेश आज भी क्यों सार्थक हैं ? इतने समय में कितनी परीक्षाएं न ली गई होंगी,कितने मनन-चिंतन नहीं हुए होंगे.. ? कितने युद्धों का सामना उनके विचारों ने नहीं किया होगा ? उसके बाद भी आज शाश्वत हैं,क्यों ?किसी भी धर्म-दर्शन … Read more

सफलता का मूल मंत्र ईश्वरीय आस्था

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ********************************************** यूँ तो परीक्षाएं कई प्रकार की होती हैं जैसे पढ़ाई-लिखाई की उपाधियों की परीक्षा,राजनीतिक एवं कूटनीतिक समस्याओं की चुनौतियों की परीक्षा,सामाजिक कुरीतियों को मिटाने की चुनौतियों की परीक्षा,दहेज न लेकर धर्मपत्नी के सपनों को साकार करने की चुनौतियों की परीक्षा और सरकारी नौकरी में उन्नति की परीक्षा। घर-गृहस्थी … Read more

महाराष्ट्रःमोटी खाल के नेता और भ्रष्टाचार

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा काफी पहले ही हो जाना चाहिए था,लेकिन हमारे नेताओं की खाल इतनी मोटी हो चुकी है कि जब तक उन पर अदालतों का डंडा न पड़े,वे टस से मस होते ही नहीं। देशमुख ने अपने पुलिसकर्मी सचिव वझे से हर माह १०० करोड़ रु. उगाह … Read more

जल बिना सब शून्य

सविता धरनदिया(पश्चिम बंगाल)**************************** ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… चाहे मनुष्य हो या जीव-जंतु सभी के लिए जल आवश्यक है। प्रत्येक प्राणी के लिए ३ चीजें बहुत आवश्यक है-जल,वायु व भोजन।यह तीनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं,केवल प्राणियों के लिए ही नहीं, वरन वनस्पतियों के लिए भी जल परमावश्यक है। मानव को प्रातः काल से … Read more

दलित मसीहा एवं क्रांतिकारी महामानव

ललित गर्गदिल्ली ************************************** डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयन्ती विशेष दुुनिया-जहान और विशेषतः भारत की परिस्थितियों को एक संतुलित,भेदभावरहित एवं समतामूलक समाज की निगाह से देखने एवं दलित जाति के साथ जुड़े सामाजिक और आर्थिक भेदभावों को समाप्त करने के लम्बे संघर्ष के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. भीमराव आम्बेडकर इसी अप्रैल महीने में जन्मे थे। मानव … Read more