आनंद,स्नेह व श्रीगणेश का प्रतीक वसंत पंचमी

वर्षा तिवारीमुम्बई(महाराष्ट्र)*************************************** वसंत पंचमी स्पर्धा विशेष ….. वसंत पंचमी का पर्व ज्ञान तथा विद्या की देवी माँ सरस्वती को समर्पित है। वसंत पंचमी वसंत ऋतु की शुरूआत का प्रतीक है। वसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी सरस्वती जी का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। हिंदी भाषा … Read more

ज्ञान और उल्लास का पर्व वसंत पंचमी

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)******************************************* वसंत पंचमी स्पर्धा विशेष ….. इस दिन पूजी जानेवाली विद्या की देवी सरस्वती बालक-बालिका की प्रथम पूज्या है। जब तक जातक (बालक-बालिका) कुछ समझने बूझने लायक हो जाता है,तो उसका अक्षरारंभ या विद्यारंभ कराया जाता है और यह बड़े उल्लास के साथ एक उत्सव के रूप में वसंत पंचमी … Read more

बसंत एक उमंग

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* वसंत पंचमी स्पर्धा विशेष ….. प्रात: गुनगुनाती धूप में चाय की प्याली के संग जब मैंने दिवाकर को अपनी सुनहली किरणों के साथ धीमे-धीमे आकाश में ऊपर उठते देखा,एक अदभुत अनुभूति अंतरंग को जैसे छू सी गई। सुनो जी,मधुऋतु आ गई,कितना सुखद लग रहा है न। हाँ आ तो गई … Read more

वर दे,वीणावादिनि वर दे

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** वसंत पंचमी स्पर्धा विशेष ….. सभी जानते हैं कि पतझड़ के बाद ऋतुराज वसंत का आगमन होता है,जिसे हम ऋतुराज,कामसखा, पिकानन्द,पुष्पमास,पुष्प समय,मधुमाधव आदि नामों से भी पुकारते हैं। इस ऋतु में वन-उपवन, बाग-बगीचों में लताएं,नए-नए लाल-हरे कोमल पत्तों से ही नहीं,बल्कि नाना प्रकार के पुष्पों से भी भर जाती हैं। इस … Read more

माँ सरस्वती-अज्ञान की नाशक

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************************** वसंत पंचमी स्पर्धा विशेष ….. हिन्दू धर्म में अनेक देवी-देवता अपने भक्तों को उनकी इच्छानुसार भक्ति एवं उसका फल प्रदान करते हैं। धन-देवी माँ लक्ष्मी की आराधना करने पर धन की प्राप्ति होती है, तो शक्ति की आराधना करने पर शक्ति की प्राप्ति होती है। उसी प्रकार ज्ञान-देवी माँ सरस्वती की … Read more

अपराधों का कानून से रुकना संभव नहीं

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)************************************* सामयिक चिंतन…. जब से सृष्टि का उदय हुआ और मानव युगल में हुए,तब से अपराध-पाप आदि शुरू हुए। कारण मानव में मन होने से वह सबसे अधिक समाज में विकृतियां फैलाई हैं,जिस कारण पुराण,शास्त्रों,वेदों में और तो और कानून की किताबें लिखी गई। आज विश्व में जितने भी क़ानून बने हैं,वे मात्र ५ … Read more

लोकतंत्र:भारत को मनोबल ऊँचा रखना होगा

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* भारत में लोकतंत्र की हालत क्या है,इस मुद्दे पर हमारे देश में और दुनिया में आजकल बहस तेज हो गई है। इस बहस को धार दे दी है किसान आंदोलन ने। इसके पहले नागरिकता कानून,धारा ३७०,मनमानी हत्याएँ और अल्पसंख्यकों में भय-व्याप्ति आदि मामलों को लेकर भारत के बारे में यह कहा जाने … Read more

प्रशासन को आचार संहिता से बांधना होगा

ललित गर्गदिल्ली ************************************** प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भले ही प्राथमिकता से सरकारी कामकाज की शैली में पारदर्शिता,तत्परता और ईमानदारी की वकालत की हो,लेकिन आज भी सरकारी कार्यशैली लापरवाह,अनुशासनहीन,भ्रष्ट एवं उदासीन बनी हुई है। आजादी के बहतर सालों के बाद भी आम आदमी शासन-तंत्र की उपेक्षा एवं बेपरवाही के कारण अनेक संकट का सामने करने को … Read more

‘प्रेम दिवस’ एक दिखावा

डॉ.अर्चना मिश्रा शुक्लाकानपुर (उत्तरप्रदेश)************************* हमारे धर्म,पुराण,साहित्य प्रेम की अनेक कथाओं एवं उपाख्यानों से भरे पड़े हैं। हमारी युवा पीढ़ी अपने समृद्धशाली आदर्शों को छोड़कर भटकती फिरती है। भौतिकता ने ऐसा भाव जगत दुनिया में पेश किया है,जैसे पहले के जोड़ों ने प्यार ही न किया हो। पहले प्रदर्शन नहीं था,भौतिकता ने आज जैसे पाँव नहीं … Read more

अस्मिता पर आंदोलन का कलंक

हेमेन्द्र क्षीरसागरबालाघाट(मध्यप्रदेश)**************************************** किसान आंदोलन के नाम पर अराजक तत्वों ने गणतंत्र दिवस पर गणतंत्र की संप्रभुत्ता का अपमान करने का कुकर्म किया। कुंठित ‘कलंक कथा’ देश को पीढ़ियों तक शर्मसार करती रहेगी। आलम में दंगाईयों ने बेशर्मी से कई जगह पर पुलिसकर्मियों पर हमला और जमकर तांडव किया। हाथ में डंडे लेकर पुलिसकर्मियों को दौड़ाया … Read more