अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी दिवस विशेष……….. शरणार्थी हैं देव सम,कर पूजा सत्कार। कभी द्वेष रखना नहीं,भाई सम हो प्यारll भोजन थाली अन्न हो,भूखे भटके लोग। इनकी करो सहायता,दूर करो तुम रोगll भाईचारा मन बसे,करो न इनको दूर। ये शरणार्थी हैं इसे,मदद करो भरपूरll लाचारी मजबूर का,देना तुम भी साथ। दुश्मन … Read more

पिता

सुरेश चन्द्र सर्वहारा कोटा(राजस्थान) *********************************************************************************** १६ जून `पितृ दिवस’ विशेष………. चले साथ में जब पिता,मेरी उँगली थाम। दूर-दूर तक था नहीं,तब चिंता का नामll लगता है जैसे पिता,घर की चारदिवार। आ पाती ना आँधियाँ,जिसको करके पारll सब सोते हैं चैन से,भर मन में उल्लास। जब तक घर में है पिता,डर ना आते पासll जीवनभर ढोते … Read more

बेटी की आह सुनो

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** चाहे जो कानून हो,कोई भी सरकार। सोच न बदले स्वयं का,अंत नहीं व्यभिचारll शर्मनाक अमानवीय,निंदनीय आचार। मर चुकी इन्सानियत,निर्भय वह लाचारll मौत मिले कुछ इस तरह,काँपे उसकी रूह। सजा मिले शैतान को,निकल न पाए ऊह॥ कैसी बर्बादी सनक,घृणित काम की सोच। सीमा लांघी क्रूरता,नहीं दया दिल लोच॥ शर्महीन … Read more

गाँव का जीवन

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** गाँवों का जीवन भला,होता सुखमय यार। घर-घर मीठे बोल है,पावन शुद्ध विचार॥ नहीं किसी से दुश्मनी,रहते मिल-जुल लोग। शुद्ध हवा का द्वार है, होते सभी निरोग॥ सुन्दर-सुन्दर घर यहाँ,लिपे-पुते दीवार। स्वर्ग यहाँ सिमटे मिले,छोटा-सा संसार॥ बाग-बगीचा वाटिका,वन-उपवन गुलजार। कोयल कुहके डाल हैं,मैना की झंकार॥ अमराई की छाँव में,मिलता … Read more

मौत खड़ी फुफकारती

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** अनज़ान नहि इस लोक में,दाता हो या दीन। मौत खड़ी फुफकारती,पर चाहत भयहीन॥ झूठ कपट सोपान से,चढ़ लिप्सा परवान। जन्म मरण ध्रुव मानकर,बनता नित धनवान॥ जो पाया सब तज धरा,तन धन अरु सम्मान। डेढ़ गज भी नसीब हो,जमीं मिले अवसान॥ चाहे कर जितना यतन,तैयारी सामान। नियत काल यमदूत … Read more

मानसून मत कर अत्याचार

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** मानसून अब आ गिरो,मत कर अत्याचार। धरती देखो है फटी,कृपा करो इस बारll व्याकुल होते लोग हैं,जीव जन्तु बेहाल। गर्मी इतनी तेज है,धीमी सबकी चालll इन्द्रदेव नाराज क्यों,आओ बरसो आज। करते हैं आराधना,विनय सुनो महाराजll देख गरीब किसान हैं,करें प्रतीक्षा लोग। मानसून अब तो सुनो,हो जाये संजोगll नदी … Read more

वट पूजा

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* वट सावित्री पूज कर,जो रखती उपवास। धन्य धन्य है भारती,प्राकत नारी आसll ढूँढे पूजन के लिए,बरगद दुर्लभ पेड़। पथ भी दुर्गम हो रहे,हुई कँटीली मेड़ll पेड़ सभी हैं काम के,रखना इनका ध्यान। दीर्घ आयु होता सखे,वट का पेड़ महानll पुत्र सरीखे पालिए,सादर तात समान। फूल छाँव फल दे यही,ईंधन काष्ठ प्रमानll … Read more

जीवन-दर्शन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** दुनिया में होता बड़ा,शील धीर विवेक। परहित मृदुभाषी सदा,मौन प्रकृति हो नेक॥ तौल शील गुण त्याग सच,अपना नित आचार। अगर सफल गुरुता हुई, हुआ बड़ा आधार॥ ज्ञानवान अभिमान नर, कोप रौब आचार। दुराचार हो कटुवचन,लघुतर नर संसार॥ नहीं दोष दें अन्य को,याद करें निज कर्म। तौले तुला विवेक … Read more

इश्क का रोग

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** इश्क का रोग बुरा है,इश्क न करिये कोय। जो इस जग में इश्क करे,खूं के आँसू रोय॥ सवैया- सखी इश्क का रोग मोहे ऐसो लगो है, अपने होश गवां बैठी मैं। जहाँ देखूँ वहाँ छवि पिया की, इश्क का रोग लगा बैठी मैं। मैं गिरधर की प्रेम दीवानी, गिरधर के गुण … Read more

चलो सत्य की राह पर

विरेन्द्र कुमार साहू गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ****************************************************** चारित्रिक सौंदर्य का,उदाहरण है राम। श्रेष्ठ कार्य उपमान है,दो अक्षर का नामll जिनसे संभव हानि हो,मत रख उनसे नेह। पिस्सू पशु को त्याग दे,मृत जब उनकी देहll नभ मंडल में चाँदनी,फैली है चहुँओर। लेकिन केवल चाँद पर,मोहित रहे चकोरll बुद्धि सुरक्षा के लिए,करो ईश का ध्यान। तन की रक्षा … Read more