पत्ता
ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** पत्ता-पत्ता झूमकर,धरती दे अनुराग।पावस सम खुशियाँ कहाँ,है हरियाली जाग॥ छेड़े रागनियाँ पवन,पत्ते करते नाच।तरुवर डोले डालियाँ,लगे बूंद जल काँच॥ झुलसे पादप ग्रीष्म से,पतझड़ पात विहीन।आगम वर्षा जी उठे,पौधे उगे महीन॥ कोमल पल्लव काँपते,खग पश पीपल ठाँव।शीतल कोटर घोंसले,करते कलरव छाँव॥ कोमल मिट्टी स्नेह से,पाले पोषय पेड़।जीवन वृक्ष हरस उठे,हो बरखा मुठभेड़॥ पात-पात पर … Read more