चिंता

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे मंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** मौसम बदला लग रहा,बदले सब आयाम। ‘कोरोना’ ने कर दिया,सबका काम तमाम॥ ईश्वर है आक्रोश में,देखो सुबहोशाम। कैसा इंसां हो गया,कैसा उसका काम॥ शंकाओं का दौर है,शेष न अब विश्वास। मन घायल हर पल लगे,टूट रही है आस॥ चिंताएं नित पल रहीं,सभी जगह विध्वंस। हर कोई रावण हुआ,लगता जैसे … Read more

समय न रुकता है कभी

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ***************************************************************************** समय बड़ा बलवान है, समय ज्ञान को जान। समय न रुकता है कभी, समय शक्ति पहचान॥ उचित समय पर धारिए, योजित करिए काम। आलस दूर भगाइए, तत्परता अविराम॥ यत्न निरंतर राखिए, समय पूर्व निज काम। असफलता से ना डरे, हिम्मत से ले काम॥ उचित समय को जानकर, उचित कार्य का … Read more

गर्मी की तपन

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** देखो गर्मी की तपन,छायी है चहुँओर। तड़प रहे सब जीव हैं,मचा हुआ है शोर॥ तपती धरती आसमां,कलरव नहीं विहंग। नीर बूँद पाने सभी,हो जाते हैं तंग॥ नदी झील तालाब भी,सूख रहे हैं आज। नीर बिना क्या जिंदगी,होय नहीं कुछ काज॥ व्याकुल मन लगता नहीं,किसी काम में ध्यान। ताप … Read more

तकदीर

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** भार धरा शाश्वत शिरसि,अथक वेदना चूर। कहता है ख़ुद दास्तां,दीन हीन मज़दूर॥ पड़े फफोले हाथ में,घायल पैर सवाल। हुआ स्वेद जल तरबतर,धूल गात्र बदहाल॥ फ्रिज़ कूलर ए.सी. कहाँ,बनी सड़क रनिवास। यायावर संघर्ष पथ,व्योम गेह आवास॥ कहाँ ज्ञान विज्ञान का,जीवन चारागाह। भूख प्यास छत बिन वसन,कैसे हो निर्वाह॥ मिले … Read more

वंदना

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** नित्य करूँ मैं वंदना, गुरुवर को कर जोर। पाउँ चरणों में जगह, होकर भाव विभोरll मात-पिता भगवान हैं, करना वंदन रोज। इन देवों को छोड़कर, करते हो क्या खोजll जिनके आशीर्वाद से, हुआ सफल हर काम। करता हूँ नित वंदना, मात-पिता के नामll धरती माँ की वंदना, यह ही … Read more

प्रेम-धन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** दुनिया ऐसी है समां,लुटा मुहब्बत शान। दो पल की ये जिंदगी,लुट जाएगा मान॥ प्यार बड़ा अनमोल है,बढ़ता जितना खर्च। दान मान सुख दे अमन,मंदिर मस्ज़िद चर्च॥ दीन हीन या धनी हो,हो पादप खग जन्तु। दुनिया सिंचित प्रेम जल,प्रमुदित बिना परन्तु॥ निर्भय निच्छल है सहज,प्रेम भाष उद्गार। मानव दानव … Read more

मन से दूर न होय

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* तन से दूरी हो भले,मन से दूर न होय। तन-मन दोनों स्वस्थ हों,सुखी निरोगी होय॥ मतभेदों को भूलकर,सभी एकजुट होय। दुश्मन से मिल के लड़ें,आपा कभी न खोय॥ करे अकारण जो मनुज,देवदूत पर वार। मनुज वे पशु समान हैं,भूल गए संस्कार॥ सुरसा के मुख सा हुआ, ‘कोरोना’ विकराल। बने सूक्ष्म … Read more

आज उदघोष करो

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे मंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** सामाजिक सम्बन्ध और दूरी स्पर्धा विशेष……….. जीत बने उपहार,आज उदघोष करो, ‘कोरोना’ की हार,आज उदघोष करो। भले अभी आतंक,वेदना,दुख भारी, हरसाये संसार,आज उदघोष करो। कोई भूखा,रहे न प्यासा,ना ही हो लाचार, मानवता से प्यार,आज उदघोष करो। ख़ुद को रक्खें गृह तक सीमित,तो बेहतर, होगा नित्य सुधार,आज उदघोष करो। क्वारेन्टाइन सबसे … Read more

सामाजिक सम्बन्ध ही,एक बनाते देश

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* सामाजिक सम्बन्ध और दूरी स्पर्धा विशेष……….. तन से दूरी हो भले,मन से दूर न होय। तन मन दोनों स्वस्थ हों,सुखी निरोगी होय॥ मतभेदों को भूलकर,सभी एकजुट होय। दुश्मन से मिल के लड़ें,आपा कभी न खोय॥ नहीं किसी को छोड़ता,होय खास या आम। ‘कोराना’ का वायरस,मचा रहा कुहराम॥ सुरसा के मुख सा … Read more

बनो नहीं पत्थर

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** सामाजिक सम्बन्ध और दूरी स्पर्धा विशेष……….. पत्थर से दिल मत लगा,ये तो है बेजान। ऐसे ही रहते यहाँ,मूरख बन इंसान॥ हे मानव पत्थर नहीं,कोमल हृदय सुजान। मृदु वाणी भाषा सरल,होना कर्म प्रधान॥ ठोकर खाना जिंदगी,बच के रहना आप। मानव की पहचान क्या,नहीं पता है माप॥ बाहर से पत्थर भले,अंदर … Read more