कुछ गुड़ ढीला,कुछ बनिया

डॉ.अर्चना मिश्रा शुक्लाकानपुर (उत्तरप्रदेश)************************* गणतंत्र दिवस स्पर्धा विशेष………. हमारे देश के सामान्य नागरिक गणतन्त्र शब्द का अर्थ तक नहीं जानते,कुछ इसकी अहमियत भी नहीं समझते,तो आखिर एक नागरिक होने के नाते हमारा लक्ष्य क्या होना चाहिए ?? मुझसे या आपसे जब कोई पूछता है तो भोली-भाली जनता कह देती है या उसके मन में यही … Read more

आत्मगौरव का राष्ट्रीय पर्व है गणतंत्र दिवस

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)******************************************* गणतंत्र दिवस स्पर्धा विशेष………. दिवस हीरक यह गणतंत्र,देता स्वशासन का मूल-मंत्र;दिलाता हमें अहर्निश याद कि-हम हुए सैंतालीस में स्वतंत्र! मिला जब तिरंगा को सम्मान,हुआ जब अपना राष्ट्रगान;जनगण के मन में पनपा तब-नित नया एक स्वाभिमान! हिन्दी ले जब पुरानी आशा,बनी जब हमारी राजभाषा;सम्पर्क हित में थी बनी तभी-अंग्रेजी हिन्दी … Read more

हिन्दुस्तानी को राष्ट्रभाषा का सम्मान देने वाले पहले राष्ट्राध्यक्ष नेताजी सुभाषचंद्र बोस

डॉ. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)************************************* हिन्दी के योद्धा:जन्मदिन पराक्रम दिवस विशेष….. ओडिशा के कटक में २३ जनवरी १८९७ को जन्मे,कटक और कलकत्ता में पले-बढ़े,पिता की इच्छापूर्ति के लिए मात्र २३ वर्ष की आयु में आईसीएस पास करने वाले किन्तु अंग्रेजों की चाकरी करने को तैयार न होने के कारण उससे त्यागपत्र देने वाले,आजादी के लिए लड़ते … Read more

हिंदी पर विशेष ध्यान दे सरकार

माननीय नरेन्द्र मोदी जी विषय: भारतीय भाषाओं,विशेषकर हिन्दी पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान देने का आग्रह। (यह पत्र प्रधानमंत्री भारत सरकार के स्थान पर आपको सम्बोधित करने के पीछे विशेष कारण यह है कि,प्रधानमंत्री पद की अपनी विवशताएँ होती और एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में आप स्व-विवेकानुसार आमजन के भावों पर अपनी प्रतिक्रिया दे … Read more

जरूरी है त्रासद सड़कों से सुरक्षा

ललित गर्गदिल्ली ************************************** भारत का सड़क यातायात तमाम विकास की उपलब्धियों एवं प्रयत्नों के असुरक्षित एवं जानलेवा बना हुआ है,सुविधा की खूनी एवं हादसे की सड़कें नित-नई त्रासदियों की गवाह बन रही है। सड़क सुरक्षा माह के समय यह जानकारी हतप्रभ करने वाली है कि देश में प्रतिदिन करीब ४१५ लोग सड़क दुर्घ:टनाओं में जान … Read more

सत्कर्म से घटती है कर्मफल की तीव्रता

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ************************************ आत्मा कब और कहाँ किस कारण से किस उद्देश्य हेतु किस योनि में जन्म लेगी,यह निर्धारण कर्मफ़ल,ऋणानुबंध,श्राप,आशीर्वाद,मोह इत्यादि कई बिंदुओं पर निर्भर करता है।जो सशक्त आत्मा होती है,या तो उन्हें पूर्वजन्म याद रहता है,या उन प्रबल आत्माओं को पूर्व जन्म याद रहता है जिनकी असामान्य रूप अकाल मृत्यु हो जाती है,व वह … Read more

तारता भी है कोरोना…!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** जी हाँ,नाम में बहुत कुछ रखा है,फिर चाहे ‘कोरोना’ ही क्यों न हो। आज सारा देश इस बेरहम विषाणु से बचाव का टीका आ जाने और उसे लगवाने के महाभियान में डूबा है,लेकिन कई लोग आज भी ‘कोरोना’ शब्द के उच्चारण से भी इसलिए डरते हैं कि,कहीं संक्रमित न हो जाएं,लेकिन एक … Read more

बुजुर्ग हमारे वजूद,बोझ नहीं

डॉ.सत्यवान सौरभहिसार (हरियाणा)************************************ हमारे देश में बुजुर्ग तेजी से बढ़ते जा रहे हैं,लेकिन उनके लिए उपलब्ध संसाधन कम होते जा रहे हैं। ऐसे में हम सबकी जिम्मेवारी बनती है कि उन्हें एक तरफ रखने के बजाय उनकी शारीरिक और मानसिक देखभाल करने के लिए समुदायों के जीवन में एकीकृत किया जाना चाहिए,जहां वे सामाजिक परिस्थितियों … Read more

पाकिस्तानी टेंटुआ भारत के हाथ में

राकेश सैनजालंधर(पंजाब)********************************** दिल्ली में चल रहे कथित किसान आंदोलन के नाम पर हो रही सस्ती राजनीति व मीडिया का पूरा ध्यान इस पर होने के कारण देशवासियों का ध्यान भारत को मिली अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर नहीं गया कि, दुनिया में बदलती परिस्थितियों के चलते पाकिस्तान का टेंटुआ(गला) अब भारत के हाथों में आता दिखाई दे … Read more

सरकार तुरंत पहल करे

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) *************************************** सर्वोच्च न्यायालय की यह कोशिश तो नाकाम हो गई कि वह कोई बीच का रास्ता निकाले। सरकार और किसानों की मुठभेड़ टालने के लिए अदालत ने यह काम किया,जो अदालतें प्रायः नहीं करतीं। सर्वोच्च न्यायालय का काम यह देखना है कि सरकार या संसद ने जो कानून बनाया है,वह संविधान की धाराओं … Read more