`शीशा-ए-‍दिल` ही नहीं, ‘शीशा-ए-दिमाग’ भी मुमकिन…!

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** अभी तक दिल का रिश्ता शीशे से ही हुआ करता था,क्योंकि वह शीशे के माफिक टूट फूट जाता था। गाहे-बगाहे तड़क भी जाता था और कभी भी जुड़ भी जाता था,लेकिन इटली में हुई ताजा खुदाई और विश्लेषण से पता चला है कि इंसानी दिमाग भी शीशे में तब्दील हो सकता … Read more

सुदीर्घ राजनीतिज्ञ:भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘गठ’ से निकला एक स्वयंसेवक भाजपा का विस्तारित ‘गठन’ भी करेगा और सरकार के मुख्य दल का अध्यक्ष होने के नाते ‘गठबंधन’ धर्म का पालन भी करेगा। इस बात का साक्षी आने वाला समय बनेगा। यह भविष्यवाणी अब चरितार्थ हो गई,जब जगत प्रकाश नड्डा विश्व की सबसे … Read more

अमीरी-गरीबी:विषमता पर प्रतिबंध क्यों नहीं ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** आक्सफोम की एक रपट ने मुझे चौंका दिया। उसके मुताबिक भारत के एक प्रतिशत अमीरों के पास देश के ७० प्रतिशत लोगों से ज्यादा पैसा है। ज्यादा याने क्या ? इन एक प्रतिशत लोगों के पास ७० प्रतिशत लोगों के पास जितना पैसा है,उससे चार गुना ज्यादा है। सारी दुनिया … Read more

`नेताजी` सुभाष चंद्र बोस-जीवन और प्रभाव

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** #साहित्य के आलोक में नेताजी-`नेताजी` सुभाष चन्द्र बोस का जन्म १८९७ में कटक में जानकी नाथ बोस की १४ सन्तानों में नवी संतान के रूप में हुआ,जब भारत अंग्रेजों का गुलाम था! नेताजी संभ्रांत बंगाली विरासत वाले बंगाली समाज के कायस्थ परिवार में जानकी नाथ बोस और माँ प्रभावती … Read more

कै. अमरेन्द्र: राजधर्म पर हावी राजनीति धर्म

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** राजधर्म पर अगर स्वार्थपरक राजनीति का धर्म हावी हो जाए तो,वही होता है जो पंजाब विधानसभा में हुआ। कांग्रेस के नेतृत्व वाली कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की सरकार ने विधानसभा में ‘नागरिकता संशोधन विधेयक’ के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है और इसे संविधान के खिलाफ बता कर इसे वापिस लेने की मांग … Read more

भाजपा पीछे नहीं हटेगी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** आज तीन-चार खबरों को एक साथ रखकर मैं सोचता रहा कि आशा की किरण भी उभर रही है और साथ ही घनेरे बादल भी छाते चले जा रहे हैं। एक तरफ डोनाल्ड ट्रम्प और इमरान दावोस में मिल रहे हैं और ट्रम्प कह रहे हैं कि आप चाहें तो मैं … Read more

असंतुलित आर्थिक संरचना पर मंथन जरूरी

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में ऑक्सफैम ने अपनी रिपोर्ट ‘टाइम टू केयर’ में समृद्धि के नाम पर पनप रहे नये नजरिए, विसंगतिपूर्ण आर्थिक संरचना एवं अमीरी गरीबी के बीच बढ़ते फासले की तथ्यपरक प्रभावी प्रस्तुति देते हुए इसे घातक बताया है। आज दुनिया की समृद्धि कुछ लोगों तक केन्द्रित हो … Read more

मस्जिद में हिंदू विवाह अनुकरणीय

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** केरल के कायमकुलम कस्बे के मुसलमानों ने सांप्रदायिक सदभाव की ऐसी मिसाल कायम की है,जो शायद पूरी दुनिया में अद्वितीय है। उन्होंने अपनी मस्जिद में एक हिंदू जोड़े का विवाह करवाया। निकाह नहीं,विवाह! विवाह याने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मंत्र-पाठ,पूजा,हवन,द्वीप-प्रज्जवलन,मंगल-सूत्र आदि यह सब होते हुए आप यू-टयूब पर देख सकते … Read more

भारतीय नारी कल और आज

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ हमारा देश आजाद हुए सात दशक से अधिक का समय हो चुका है। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त तथा महीयसी महादेवी वर्मा प्रसाद जी की पंक्तिया `अबला जीवन यही कहानी आँचल में है दूध आँखों में पानी`,`एक नहीं दो दो मात्राएं नर से बढ़कर नारी नारी नहीं बन्दिनी हूँ`,जैसी पंक्तियों का अर्थ … Read more

बहुत जरुरी है जनसँख्या नियंत्रण कानून बनाना

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आबादी नियंत्रण करना नामुमकिन है, चाहे नियम,कानून,सामाजिक,पारिवारिक स्तर पर कितने भी प्रयास किये जाएंl इसको इस प्रकार समझाना-समझना होगा कि, वर्तमान में देश की आबादी १३० करोड़ हैंl हम पूरी आबादी को वर्षवार बाँट लें,यानी एक वर्ष से लेकर १३० वर्ष की आयु वर्ग के १ करोड़ लोग हैं,अब आप २० … Read more