क्षमा प्रियंका…

कुँवर बेचैन सदाबहार प्रतापगढ़ (राजस्थान) ********************************************************************** हैदराबाद घटना-विशेष रचना………. छोटे-छोटे हाथ,छोटे-छोटे पैर परियों जैसी सुंदर अबोध-सी बिटिया जब पैदा होती है,तो अपने साथ पूरे परिवार का सौभाग्य लेकर आती है…। पिता की इच्छा शक्ति,माँ की ताकत,दादी-दादा में बचा हुआ बचपन चाची-चाचा,ताऊ-ताई का खिलौना,बुआओं की सहेली,बड़े भाइयों की जिम्मेदारी सब कुछ लेकर आती है…। अक्सर कहता … Read more

गौरवशाली इतिहास है भारतीय नौसेना का

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** ४ दिसम्बर- नौसेना दिवस विशेष…………. ४ दिसम्बर को `नौसेना दिवस` मनाया जाता है। बहुत से लोग यह अनुमान लगाएंगे कि शायद इसी दिन भारतीय नौसेना अस्तित्व में आई थी,लेकिन ऐसा नहीं है। दरअसल नौसेना दिवस भारतीय नौसेना के पराक्रम का प्रतीक है। इसी तारीख ४ दिसम्बर १९७१ को भारतीय नौसेना ने … Read more

बच्चों को उनकी मातृभाषा में न पढ़ाने से बड़ा कोई देशद्रोह नहीं

प्रो.जोगा सिंह विर्क पटियाला(पंजाब) *************************************************************** भारतीय भाषाओं की साझा चुनौतियाँ………… देश के बच्चों को उनकी मातृ भाषा में न पढ़ाने से बड़ा कोई देशद्रोह नहीं हो सकता,क्योंकि जितनी बड़ी सर्वपक्षीय बर्बादी शिक्षा को विदेशी भाषा में करने से होती है,इतनी बड़ी बर्बादी और किसी तरह संभव नहीं हैं। और जिस समझ से यह नीति पैदा … Read more

`अग्निशिशु` रहे शहीद खुदीराम बोस

गोपाल चन्द्र मुखर्जी बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************************************ जन्म दिवस-३दिसम्बर १८८९ विशेष………… भारतमाता की वीर सन्तान शहीद खुदीराम बोस (बंगाली उच्चारण में क्षुदीराम बोस) को श्रद्धांजलि अर्पण…। भारतमाता की महान आत्मत्यागी वीर सन्तान शहीद खुदीराम बोस,जिन्होंने भारत की स्वतन्त्रता के आन्दोलन में पराधीनता की ग्लानि से देश को मुक्त कराने के लिए अपने को अर्पित कर दिया। … Read more

सामाजिक बहिष्कार और कानूनी सख्ती बहुत जरुरी

अजय जैन ‘विकल्प’ इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** मुद्दा सामूहिक दुष्कर्म का……………. जिस देश की राजधानी दिल्ली से देश की सत्ता चलती है,यदि वहाँ ही महिला सुरक्षित नहीं है या तेलंगाना-हैदराबाद में पहले तो सामूहिक दुष्कर्म और फिर जान भी ले ली जाए तो समझा जा सकता है कि,मानसिकता का स्तर कितना होगा। सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना … Read more

पुलिस प्राथमिकी की यह ‘जंगलगी’ भाषा तो बदलें…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** “डीओ साहिब, मजरूब गंगेश जेरे इलाज मिला,जिससे पूछताछ अमल में लाई,जिसने अपना बयान दर्ज कराया वो बाला हालात से मुलाहजा एमएलसी से सरेदस्त सूरत जुर्म दफा ३०७ का सरजद होना पाया जाता है। लिहाजा तहरीर हजा बगर्ज कायमी मुकदमा दर्ज करके इत्तिला दी जावे।” (अर्थ:डीओ साहब,गंगेश नामक व्यक्ति ने अपनी शिकायत … Read more

भैया,जरा धीरे चलो…

सुनील चौरसिया ‘सावन’ काशी(उत्तरप्रदेश) *********************************************** ज़िंदगी अनमोल है,इसको सुरक्षित रखना हमारा मानवीय कर्तव्य है। जीवन और सड़क का आदिकाल से ही अटूट रिश्ता है। प्रतिदिन सड़कों से असंख्य जिंदगियाँ गुजरती हैं,अतः हमारी जिंदगी तभी सुरक्षित है जब सड़कें सुरक्षित हैं। आजकल तो सड़कों पर ऐसी-ऐसी दुर्घटनाएँ दिखती हैं कि रोम-रोम सिहर जाता है। गलती करता … Read more

लोकतंत्र तो आहत हुआ

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* अपनी अनूठी एवं विस्मयकारी राजनीतिक ताकत से शरद पवार ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने की असमंजस्य एवं घनघोर धुंधलकों के बीच जिस तरह का आश्चर्यकारी वातावरण निर्मित किया,वह उनके राजनीतिक कौशल का अदभुत उदाहरण है। महाराष्ट्र में राजनीतिक नाटक का जिस तरह पटाक्षेप हुआ है,उससे यही सिद्ध हुआ है कि इस … Read more

सत्ता उलट-पुलट के अर्थ

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** महाराष्ट्र में रातों-रात जो सत्ता-पलट हुआ था,वह अब सत्ता-उलट हो गया है। पहले अजित पवार का इस्तीफा हुआ। फिर देवेंद्र फडनवीस का भी इस्तीफा हो गया। क्यों नहीं होता ?, अजित पवार के उप-मुख्यमंत्री पद पर ही फडनवीस का मुख्यमंत्री पद टिका हुआ था। फडनवीस के इस्तीफे की वजह से … Read more

महाराष्ट्र:सत्ता के लिए ‘अनैतिक सौदेबाजी’ और शर्मिंदा घोड़े…!

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** महाराष्ट्र में घोड़ों की कोई स्थानीय नस्ल नहीं पाई जाती,लेकिन राज्य में घोड़ा बाजार के नाम पर सत्ता की छीना-झपटी का जो खेल खेला जा रहा है,उससे सबसे ज्यादा शर्मिंदा अगर कोई है तो वो घोड़े हैं। घोड़े हजारों साल से मनुष्य की सेवा करते आ रहे हैं,लेकिन मानवीय दुर्गुणों और … Read more