फिल्मकार ने सच्चाई दिखाई है समाज को

अंतुलता वर्मा ‘अन्नू’  भोपाल (मध्यप्रदेश) ************************************************************ मुद्दा: ‘आर्टिकल-१५’…………….. ‘आर्टिकल-१५ फ़िल्म निर्माता की जीभ काटने वाले को सात लाख का ईनाम’…, शीर्षक पढ़कर आपके मन में भी कई प्रश्न उठ रहे होंगे..पर एक दैनिक अखबार के अनुसार युवा ब्राह्मण महासभा ने कहा है कि ब्राह्मणों को फिल्म ‘आर्टिकल-१५’ ने ठेस पहुँचाई है,जीभ काटने वाले को ईनाम … Read more

भौंसला से सीखे सारा देश ‘जातियता’

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** हरियाणा में जींद के पास एक गांव है,भौंसला। इस गांव में आस-पास के २४ गांवों की एक पंचायत हुई। यह सर्वजातिय खेड़ा खाप पंचायत हुई। इसमें सभी गांवों के सरपंचों ने सर्वसम्मति से एक फैसला किया। यह फैसला ऐसा है,जो हमारी संसद को,सभी विधानसभाओं को और देश की सभी पंचायतों … Read more

भारतीय संस्कृति और भाषाओं के वैश्विक प्रचारक प्रो.रत्नाकर नराले

डॉ.राकेश कुमार दुबे टोरंटो(कनाडा) ************************************************************** टैग-साहित्य सेवा को समर्पित …….. भारत से बाहर भारतीय मूल के लोगों एवं अभारतीय लोगों में भारतीय संस्कृति और भारतीय भाषाओं के प्रचार में भारतीय मूल के कनाडा निवासी प्रो.रत्नाकर नराले का नाम आज सबसे प्रमुखता से लिया जाता है। लगभग ५० वर्षों से कनाडा में रहते हुए प्रो.नराले हजारों … Read more

बलात्कार की व्यापकता…विचारने की जरूरत

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** जब से मूलभूत आवश्यकताओं के अभाव में लोगों के मरने की समस्या खत्म हुई है,मानव जनित एक नई समस्या ने आकर समाज को घेर लिया है। मानव द्वारा मानव का बलात्कार,उम्र और लिंग को नजरअंदाज करते हुए बलात्कार,निजी और सार्वजनिक स्थलों पर बलात्कार,दुधमुँहे बच्चों से लेकर मरणासन्न तक बलात्कार एवं … Read more

बोए पेड़ बबूल कॆ,आम कहाँ से होए

अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* बरसों पुरानी एक कहावत है-‘बोए पेड़ बबूल कॆ,आम कहाँ से होए’,जो नापाक इरादों कॆ मालिक देश पाकिस्तान पर सटीक बैठी है। जी हाँ,क्योंकि भारत का पड़ोसी होकर पीठ में हर बार-हर बात पर खंजर घोंपने वाले इस देश में इस समय इतनी कंगाली आई है कि देश पूरी तरह कर्ज … Read more

पोंगापंथी हिंदुत्व और पोंगापंथी इस्लाम

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** आज हमारे विचार के लिए दो विषय सामने आए हैं। एक तो कानपुर के युवा मुहम्मद ताज का,जिसे कुछ हिंदू नौजवानों ने बेरहमी से पीटा और उससे ‘जय श्रीराम’ बुलवाने की कोशिश की,तो दूसरा प. बंगाल से चुनी गई सांसद तृणमूल कांग्रेस की नुसरत जहां का,जिनके खिलाफ देवबंद के किसी … Read more

भाषा नीति पर ढुलमुलता छोड़ मजबूती से आगे बढ़ने की बेला

डॉ.विनोद बब्बर नई दिल्ली **************************************************** भाषा जीव के मानव बनने की दिशा में प्रथम कदम कहा जा सकता है। आरंभ में संकेतों की भाषा रही होगी जो कालांतर में शब्द संवाद में परिवर्तित हुई। हर परिस्थिति परिवेश एक-दूसरे से अपरिचित और भिन्न था,इसलिए हर मानव समूह ने अपने ढंग से कुछ शब्द संकेत बनाये। एक-दूसरे … Read more

एकाधिकार से ही हिंदी का राष्ट्रभाषा बनना और जनसंख्या नियंत्रण संभव

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** नयी शिक्षा नीति ने यह स्पष्ट कह दिया है कि हम हिंदी नहीं थोपेंगे किसी भी प्रान्त या भाषा पर। यह बहुत सही निर्णय है,जिस प्रकार हमारे यहाँ जनसंख्या नियंत्रण करना असंभव है। जी हाँ,भारत एक लोक कल्याणकारी राष्ट्र है,जो लोगों के लिए,लोगों के द्वारा,लोगों को चुनकर भेजता है और चुने … Read more

जलसंकट के दौर में याद आया ‘राखुंडा’

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** ‘राखुंडा नई पीढ़ी के लिए शायद नया शब्द हो,परंतु दक्षिणी पंजाब,हरियाणा व राजस्थान में दो दशक पहले तक यह जीवन का हिस्सा था। ‘राख’ और ‘कुंड’ शब्दों की संधि से बना ‘राखकुंड’ शब्द घिस-घिसकर ‘राखुंडा’ बना होगा शायद। घर में बर्तन-कासन मांजने वाला स्थान था राखुंडा,जहां जरुरत अनुसार गड्ढे या बर्तन … Read more

काला धन खत्म कैसे हो ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** काले धन ने हमारी संसद को भी अंगूठा दिखा दिया है। कोई यह बताए कि जिनकी जिंदगी ही काले धन पर निर्भर है,वे यह क्यों और कैसे बताएंगे कि देश और विदेशों में काला धन कितना है और उसे कैसे-कैसे छिपाकर रखा गया है। हमारी लोकसभा की स्थायी वित्त समिति … Read more