लोकसभा चुनाव:सभी दलों और उम्मीदवारों के नाम मतदाताओं की अपील

निर्मलकुमार पाटोदी इन्दौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** भारत,भारतीय भाषाओं और भारतीयता के लिए मंथन का आव्हान भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्रीय राष्ट्र है। देश के ९० करोड़ मतदाता ११ अप्रैल से १९ मई के बीच लोकसभा की ५४३ सीटों के लिए मतदान करेंगे। इसमें ५४३ सदस्य विजयी होंगे, उनसे और उनके दलों से ९० करोड़ मतदाताओं की … Read more

आडवाणी स्वयं जिम्मेदार हैं इस हालत के लिए

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आम स्वयं पकते हैं और पकाये भी जाते हैं। जो स्वयं पकते हैं,वे डाली से स्वयं टूट जाते हैं। उनमें मिठास भी होती है और नैसर्गिक स्वाद भी होता है,तथा दूसरे को जल्दी-जल्दी पकाये जाने के लिए उन्हें पाल में रखा जाता है,और उन्हें बार-बार देखते हैं तो उनमें कोई अधिक … Read more

गरीबों को पाँचवी पीढ़ी ने भी पकड़ाया वही झुनझुना

अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* एक बार फिर लोकसभा के लिए चुनावी मौसम आ गया है तो दोनों प्रमुख दल जनता विशेष रूप से गरीबों को गरियाने-पटाने में लगे हैं। जहां मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आतंक के खिलाफ उठाए गए ठोस कदमों सहित अपनी योजनाओं एवं कार्यकाल के विकास कार्यों के आधार पर मैदान में … Read more

कैसे घुमा देते हैं राजनेता कैमरे को अपनी ओर

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ यह शीर्षक कुछ अलग लग रहा होगा, पर बात ही कुछ ऐसी है। जी हाँ,जब हमारे देश में कोई बड़ा राजनेता जेल जाने को होता है या किसी अपराध या मामले में पूछताछ होने को होती है,तो अपने को इस तरह से पेश करता है,जैसे किसी बड़ी लड़ाई के लिए … Read more

जनप्रतिनिधि इतनी जल्दी अमीर कैसे ?

ललित गर्ग दिल्ली ************************************************************** वर्ष २०१९ के आम चुनाव में वैसे देखा जाये तो न सत्तापक्ष और न विपक्ष के पास कोई बुनियादी मुद्दा है। यह चुनाव मुद्दााविहीन चुनाव है,जो लोकतंत्र के लिये एक चिन्ताजनक स्थिति है। बावजूद इसके एक अहम मुद्दा होना चाहिए कि हमारे जनप्रतिनिधि इतने जल्दी अमीर कैसे हो जाते हैं ? … Read more

ज्वलन्त समस्या-केबल पर अनचाहे विज्ञापन और धनवृद्धि

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ देश में केबल और विज्ञापन वार चल रहा है। केबल कनेक्शन के साथ विभिन्न पैकेज लेना पड़ रहे हैं और धन भी ज्यादा देना पड़ रहा है। कोई भी चैनल देखो तो बीच-बीच में अनेक विज्ञापन भी देखना पड़ते हैं। आधा घण्टे के धारावाहिक में १० मिनिट के अनचाहे … Read more

काश! मैं होता सांसद

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** काश! मैं होता सांसद,यह प्रश्न बार-बार मेरे जेहन में कौंध रहा है कि मुझे अब सांसद बनने जनता की अदालत में जाना चाहिए। इसलिए कि मेरे सांसद ने मुझे,क्षेत्र और मुल्क को धोखा देकर विकास व समृद्धि को रोका है। यहां तक कि झोली में आई सांसद निधी मुँह दिखाई के … Read more

कुछ रँग जांबाजों के संग

हेमा श्रीवास्तव ‘हेमाश्री’ प्रयाग(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* कई रंगों से सराबोर होकर हमने होली बड़े उत्साह और उमंग के साथ अपने अपनों के साथ मिलकर मनाई। इस उमंग और उल्लास, हर्ष के पर्व में हमारी भारतीय सेना सीमा पर तैनात खड़ी हुई है,हमारे रंग में कोई भंग ना पड़े इसके लिए बरकरार सरहद पर वो लड़ते रहते … Read more

कहाँ खो गए वो ढोल-मंजीरे..वो गीत..

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** हमारे देश के व्रत-त्योहार हमारी गौरवशाली परम्परा और संस्कृति का दर्पण हैं। देश की अनेकता में एकता की जो झाँकी दिखाई देती है उसमें हमारी समृद्ध परम्पराओं और पर्वों का विशेष योगदान है। पहले तो गांवों में वसंत पंचमी से ही फागुनी गीतों की बयार बहने लगती थी। महीनेभर … Read more

राजनीति और चुनाव…

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** कद्दावर नेता के निधन की सूचना ऐसे समय आई,जब समूचा देश चुनावी तपिश में तप रहा था। काल कवलित नेता के जीवन-परिचय और चीजों को अलग नजरिए से देखने की सीख दी गई है। शिक्षा-दीक्षा ऐसी थी कि राजनीति से दूर रहते हुए ऐशो-आराम की जिंदगी जी सकते … Read more