गुरुदेव को नमन मेरा

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ आचार्य श्री विद्यासागर जी को समर्पित…….. हे धरती के देव दिगम्बर, तुम्हें नमन मेरा। तेरे पदचिन्हों पर गुरुवर, रहे गमन मेरा॥ भारत की चैतन्य धरोहर, जिन्मुद्रा धारी। महावीर की महाविरासत, प्राणों से प्यारी। जिनशासन जयवंत रहेगा, चरित लाख तेरा। तेरे पदचिन्हों पर गुरुवर, रहे गमन मेरा, हे धरती के देव दिगम्बर…॥ … Read more

शरणार्थालय भारत हमारा

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** शरणार्थालय भारत हमारा है, यह जान से भी ज्यादा प्यारा है। यहाँ जो भी आए सादे मन से, हमने उसको स्वीकारा है। शरणार्थालय देश हमारा है, यह जान से भी ज्यादा प्यारा है॥ खुशबू इसकी मिट्टी में है, जिसको यह दिल से भाता है। वह छोड़ स्वर्ग-सा सुख सारा, भारत … Read more

मैं तलवार उठाऊंगा

मानकदास मानिकपुरी ‘ मानक छत्तीसगढ़िया’  महासमुंद(छत्तीसगढ़)  *********************************************************************** दुष्कर्मी को फाँसी दो,वरना मैं तलवार उठाऊंगा, मासूम के हत्यारों को चौराहे पर मार गिराऊंगा। उम्रकैद की सजा सुनाकर,गुनाहगार को पाल रहे हो, ऐसे न्याय के देव के सम्मुख,मैं मस्तक नहीं झुकाऊंगा। नारी के हरण पर मौत हो वह युग पुनः मैं लाऊंगा, मैं भारत में देवी शक्ति … Read more

बादल,बरसो ना..

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** बरसों ना तुम ऐ बादल, ना तरसाओ भीगे तन-मन छिटकें मोती के दाने, सज जाये घर का आँगनl बरसो ना… बाट निहारे धरती प्यासी, झुलसा रही तपती गर्मी सूख रही डाली-डाली, पेड़ों पर छाई उदासीl बरसो ना… रिमझिम छाए जब घटाएं, पेड़ों पर मस्ती लहराए झूमे पत्ते-पत्ते मुस्काए, आँखें हर पल … Read more

शरणार्थी भी है इंसान

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी दिवस विशेष……….. शरण में आए, शरणार्थी बनकर लोकप्रियता निभाएं, मेहनती बनकर। प्रेम बढ़ाएं, मीठा बोलकर आस लगाए, शरण में रहकर। नमन किए हम, मिट्टी छू कर ईमानदारी दिखाई, सदा सच बोलकर। रूप सजाया, माली बनकर मानव बना मैं, सेवक बनकर। फूल उगाए, मिट्टी खोद कर एकता बनाई, गोली खाकर। … Read more

जो कोई आया, माँ भारती ने अपनाया

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी दिवस विशेष……….. जो क़ोई शरण में आया माँ भारती ने अपनाया, मेरे भारत ने अपनाया। मेरे भारत की विशाल छाती, सबको गले लगाती। अपनी दरियादिली का परचम, विश्व में लहराया। जो कोई… सौहार्द हृदय लेकर, वह गोद में बैठाती। क्या हिन्दू,क्या मुस्लिम, क्या सिक्ख,क्या इसाई। माँ की स्नेह धारा, … Read more

उड़ान

अंतुलता वर्मा ‘अन्नू’  भोपाल (मध्यप्रदेश) ************************************************************ क्यों मैं ही हर बार दमन करूं, अपनी ख्वाहिशों का…? क्यों मैं ही हर बार दफन करूँ, अपनी ख्वाहिशों को…? अपने ही हाथों से क्यों घोट दूं गला, अपनी हर ख़्वाहिश का…? सदियों से, अब तक यही तो करती आई हूँ, घुट-घुट के जीती आई हूँ खोखली परम्पराओं में … Read more

शरण न जाने कहां पाए तन…

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी दिवस विशेष……….. जीवन का यह कटु परिवर्तन, विवशता कर रही नग्न नर्तन। सब-कुछ ना चाह कर भी त्यागा, और त्यागे सब घर के बर्तनl शरण न जाने कहां पाए तन, अनिश्चित-सा रहता व्याकुल मन। सब-कुछ होने पर भी उर तरसे, छोड़ दिया सब जब अपना धन। शरणार्थी हो … Read more

प्रेम का नाता जोड़

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी दिवस विशेष……….. जब-जब युद्ध हुआ देशों में, तब-तब शरणार्थी संकट आया लोगों में। जीवन भी क्या चीज है, कहां से कहां पहुंच जाते हैं। एक बित्ता पेट के कारण, देश को भी छोड़ जाते हैं। सड़क मार्ग हो या समुद्री मार्ग, संकट से नहीं घबराते हैं। आंधी … Read more

वक्त

ममता बैरागी धार(मध्यप्रदेश) ****************************************************************** ऐ वक्त जब तक तू मेहरबान था, तब तक सारा ही जमाना मेरी मुट्ठी में बंद था। आज तू क्या रूठा, ये हसीन लगने वाला जहां रूठ गया देखते ही देखते, अपना ही कोई पराया हो गया। जख्म देने लगे वह,इतना सितम ढाया, बहारों के मौसम में पतझर छा गया। चाँदनी … Read more