मच्छर

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** मच्छर को, कभी कम मत आंको। चूंकि, मच्छर घात लगाकर कभी वार नहीं करता। बल्कि, ललकारते हुए करता है आत्मघाती हमला, और चूस लेता है, मानव का रक्त अपनी जान की बाजी लगाकरl अब बताओ, करके गहन मंथन कि, क्या मच्छर उन तथाकथित अपनों से कहीं अधिक … Read more

भाईचारा

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* हार-जीत का वोट युद्ध था, कोई जीता-कोई हारा। दल दलदल को भूल सखे अब, अपना लो भाईचारा। जीत किसी की नहीं चुनावी, यह तो जनमत जीता है। राष्ट्रप्रेम का भाव जगा है। देख रहा है जग सारा। हार नहीं है यह विपक्ष की, यह तो बस गठबंधन हारा। जाति-धर्म अरु क्षेत्रवाद … Read more

कोयल की कुहूक

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** कोयल कुहूक-कुहूक कर बोली मोर पपीहा मेरे भाई, बंदर भालू ने दौड़ लगाई आपस में सब भाई-भाई। शेर-शेरनी ने ब्याह रचाया पंडित जी को घर पे बुलाया, हलुआ पूरी सेंवई बनाई जंगल में वो खूब लुटाया। हिरण मोर संग रास रचाया गजानंद को खूब खिलाया, तोते ने आवाज लगाई पिंजरे खोल,मुक्त … Read more

मैं डर कर भाग जाता हूँ

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** नहीं तेरे मैं सपनों में लगाने आग जाता हूँ। तुम्हारा जिक्र आते ही मगर मैं जाग जाता हूँ। कहीं फिर प्यार का इजहार तुम करने चली आओ- तेरे कदमों की आहट से मैं डर कर भाग जाता हूँ। परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख … Read more

तुम भूल गए प्रियतम …

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** (धुन-इक प्यार का नगमा है…) एक तू ही तो अपना है, बाकी सब सपना है। तुम भूल गए प्रियतम, अब विरह में तपना है। रूठ गया तू अगर, बस माला जपना हैll एक तू ही तो अपना है, बाकी सब सपना है… कहो मेरी किस्मत अब, यहाँ और कितना सहना … Read more

हसीन पर जाँ निसार करना

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** हसीन पर जाँ निसार करना, सुघड़ बदन में विहार करना। बनो बहादुर जिगर बड़ा रख, गरीब का मत शिकार करना। उधार लेकर दुकान कर लो, पचास से फिर हजार करना। नहीं रहेगा सदा ये जीवन, क्षणिक है यौवन विचार करना। भले सहो तुम सितम जमाना, न दोस्त दिल में … Read more

सत्य

डॉ.किशोर जॉन इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************************** मौत की कगार पे खड़ा सत्य, मौत के बाज़ार में,इंतज़ार में l तार-तार हो चुके हैं कपड़े सत्य को ढकते-ढकते l ख़ून भी सारा बह चुका, झूठ की तलवारों से। पसीना भी सूख चुका, असत्य की बयारों से। जीभ भी कंपकंपाती है, प्रतिकार भी शक्तिहीन-सा लाचार अंधत्व-सा छा गया है, असत्य … Read more

बिलासा महिमा

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** ‘बिलासा’ बाई छत्तीसगढ़ की वीरांगना लड़की का नाम है,जिन्होंने महारानी लक्ष्मी बाई के समान ही अंग्रेजों से युद्ध किया। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शहर बिलासपुर का नाम इसी वीरांगना के नाम पर है।  बहुत पुरातन बात है,वही रतनपुर राज। जहाँ बसे नर नारि वो,करते सुन्दर काज॥ केंवट लगरा गाँव … Read more

अंतिम सफ़र

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* कभी ज़िंदगी के मेले देखे, कभी ग़मों के रेले देखे। जिंदगी के रंग हैं कई, कभी फीके,कभी तीखे देखे। ओ ओ ओ ओ ??? अभी कैसे कह दें अंतिम सफ़र, ओ मेरे हमसफर,हमसफ़र। जो हुए कुर्बान दे देश पे, वो सजे थे हर वेश में। क्या उनको पता था … Read more

रोशनी के सामने

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* शम्’अ रोशन कर दी हमने तीरगी के सामनेl टिक ना पाएगा अंधेरा रोशनी के सामनेll बिन थके चलता रहे जो मंजिलों की चाह में, हार जाती मुश्किलें उस आदमी के सामनेll पर्वतों से हौंसलों को देखकर हैरान है, आसमां भी झुक गया है अब ज़मी के सामने॥ … Read more