बेनाम रिश्ता
जसवंतलाल खटीक राजसमन्द(राजस्थान) ************************************************************* सब कुछ थी वह पगली,मेरी जिंदगी व मेरा रब, मेरे दिल की थी धड़कन,मेरा प्यार मेरा मजहब। मेरा पहला प्यार थी,किसी की अमानत बन गयी, मेरे बुने सपनों की मंजिल,पलभर में क्यों ढह गयी। जीते-जी क्यूँ मार दिया,ऐसा भी क्या गुनाह किया, दो पंछियों की रूह को,जिस्म से क्यूँ अलग किया। … Read more