जय माँ सरस्वती
कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’मुंगेर (बिहार)********************************************** जय -जय-जय माँ सरस्वती,हे सकल विश्व भव तारिणीतेरे शरण मैं आई माता,जय माँ कष्ठ निवारिणी। शुभ्रवस्त्रा धारिणी माता,जय माँ हंस सवारिनीजय-जय-जय पद्मासना देवी,हे माँ ज्ञान प्रकाशिनि। विद्या-बुद्धिदायिनी माता,जय माँ जग उध्दारिणीज्ञान का दीप जला दो माता,जय माँ वीणा वादिनी। कमल आसन शोभित माता,वीणा-पुस्तक धारिणीभक्तों का दुःख हरती माता,जय-जय-जय जगतारिणी। तीनों लोक … Read more