नई पीढ़ी को उद्वेलित करती है ‘सिंहनाद

‘सिंहनाद’ पुस्तक के सिंह अनुज मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ को बधाई देना चाहता हूँ कि श्रृंगारकाल में आपने सिंहनाद किया। जैसा आपने ‘मनु की कलम से’ में लिखा है कि यह आपकी द्वितीय कृति है। आजाद पूरण सिंह राजावत ने इस कृति की भूमिका लिखते हुए मैथिलीशरण गुप्त के एक कालजयी पद को उद्धत किया … Read more

व्यंग्य और हास्य का बेहतरीन संतुलन ‘डेमोक्रेसी स्वाहा’

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** बहुत छोटी उम्र में व्यंग्य के क्षेत्र में अपनी पैठ बना चुके सौरभ जैन का हाल ही में पहला व्यंग्य संग्रह ‘डेमोक्रेसी स्वाहा’ (भावना प्रकाशन,दिल्ली) प्रकाशित हुआ है। ५२ व्यंग्य इस संग्रह में प्रकाशित है,जिनमें से अधिकांश विभिन्न दैनिक अखबारों के व्यंग्य का स्तंभों में प्रकाशित हुए हैं,तो कुछ अप्रकाशित … Read more

युवाओं का मार्गदर्शन करती `जीना इसी का नाम है`

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** वर्तमान में बाल साहित्य उन्नयन के लिए एक नाम देशभर में जाना-पहचाना है,वह है राजकुमार जैन राजन काl बाल साहित्य के अलावा भी उनका अध्ययन और लेखन अन्य विषयों पर भी बहुत गहन रहा हैl तीन दशक से भी अधिक समय से सम्पादन कार्य से जुड़े हुए हैंl राजन जी … Read more

‘आधा आदमी’ का समूचा आख्यान

संदीप ‘सरस’ सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ******************************************************************* उफ़्फ़फ़….इतनी मानसिक,शारीरिक और सामाजिक यंत्रणा! यकीन नहीं होता,यह हमारी ही तरह मनुष्य योनि में जन्म लेने वाले किन्नर समाज के लोग हैं,जो किसी शारीरिक अक्षमता के चलते इतनी उपेक्षा,इतनी वितृष्णा झेलने के लिए अभिशप्त हैं। यकीनन सक्षम कलमकार ‘राजेश मलिक’ के उपन्यास का नाम भले ही ‘आधा आदमी’ है, लेकिन वह … Read more

भारतीय गणतंत्र की दास्तान कहती कृति `हम भारत के लोग`

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** भारतीय गणतंत्र की स्थापना के ७०वें साल में वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद् डॉ. देवेन्द्र जोशी की हाल ही में प्रकाशित कृति `हम भारत के लोग` में उनके द्वारा गणतंत्र की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा को सप्रमाण सचित्र उभारा गया है। पुस्तक की शुरूआत हम भारत के लोग … Read more

आँचलिकता से सराबोर है ‘अगहनियां’

आरती सिंह ‘प्रियदर्शिनी’ गोरखपुर(उत्तरप्रदेश) ***************************************************************************************** जमशेदपुर निवासी शिवशंकर सिंह ने अपने इस कहानी संग्रह ‘अगहनियां’ में उत्तर भारतीय परिवेश के समस्त दृश्यों को शब्दांकित कर दिया है। वहां की ठेठ भाषा में रहन-सहन,रीति-रिवाज,मिथकों इत्यादि का चित्रण लेखक की कार्य कुशलता को प्रदर्शित करता है। प्रथम कहानी ‘अगहनियां’ में नायक और उसका वृक्ष प्रेम दर्शाया गया … Read more

`पत्र तुम्हारे लिए` लुप्तप्राय विधा हेतु एक सशक्त प्रयास

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ आकर्षक आवरण वह भी विषयवस्तु के अनुसार `पत्र तुम्हारे लिए` पुस्तक है। साहित्य जगत उसमें समाज के सन्देश के आदान-प्रदान वाली कभी लोकप्रिय रहने वाली विधा जो आज लुप्तप्राय है। पत्र साहित्य पर केन्द्रित इस कृति का सम्पादन डॉ. विमला भंडारी ने किया है। कभी दूर देश से आने वाले … Read more

युग प्रेरक ग्रंथ है `महात्मायन` और `राष्ट्रमाता कस्तूरबा`

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** महात्मा गांधी के व्यक्तित्व,कृतित्व और अवदान पर आज भी लेखकों की लेखनी रूकी नहीं है,कवियों और वक्ताओं की वाणी थमी नहीं है। कर्मनिष्ठा,भावनिष्ठा और त्यागनिष्ठा को चरितार्थ कर गांधी ने एक ऐसी बडी लकीर खींची है जिसे अभी तक छोटी नहीं किया जा सका है। गांधी की कथनी और करनी … Read more

कलियुग का महाकाव्य `ब्रह्म कल्प देवायण`

आरती सिंह ‘प्रियदर्शिनी’ गोरखपुर(उत्तरप्रदेश) ***************************************************************************************** अपने गुरु अरविंद के आश्रम में मृत्यु पर्यंत रहने वाले डॉ. हजारी द्वारा रचित पुस्तक देवायण को यदि महाग्रंथ कहा जाए तो अतिशयोक्ति न होगी,क्योंकि यह पुस्तक वृहत्तम खंडों में लिखी गई है। कुल मिलाकर इसमें १२ खंड है,जिसमें ३६ पुस्तकें हैं। यह भारतीय शास्त्रीय महाकाव्य मीटर अनुष्टुभ छंद में … Read more

जीवन में उत्साह जगाती है ‘पग-पग शिखर तक’

आरती सिंह ‘प्रियदर्शिनी’ गोरखपुर(उत्तरप्रदेश) ***************************************************************************************** झाबुआ (मध्य प्रदेश)निवासी प्रदीप अरोरा की संदेशात्मक एवं विचारात्मक कृति ‘पग-पग शिखर तक’ का प्रकाशन हो चुका है। प्रखर गूँज प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक कविताओं का सुंदर संग्रह है। प्रदीप अरोरा के कथनानुसार यह पुस्तक निराशा के दौर से गुजर रहे पाठकों के बंजर मन में उत्साह का बीजारोपण … Read more