खूबसूरत ग़ज़लों का संग्रह है `इशरते-क़तरा`

आरती सिंह ‘प्रियदर्शिनी’ गोरखपुर(उत्तरप्रदेश) ***************************************************************************************** प्रखर गूँज प्रकाशन के तत्वाधान में देशपाल राघव वाचाल एवं संगीता कासिरेड्डी के कुशल सम्पादन में ग़ज़ल (साझा) संग्रह इशरते-क़तरा प्रकाशित हो चुका हैl पूरे देश के विभिन्न स्थानों से १९ ग़ज़लकारों की रचनाएं इसमें सम्मिलित हैं,जिसमें कुछ नवांकुर तो कुछ मंझे हुए रचनाकार भी हैं। सर्वप्रथम देशवाल राघव की … Read more

हर विधा में परिपूर्ण है ‘काव्यांजलि’

आरती सिंह ‘प्रियदर्शिनी’ गोरखपुर(उत्तरप्रदेश) ***************************************************************************************** पुस्तक समीक्षा……………….. वर्तमान अंकुर प्रकाशन के अंतर्गत साझा काव्य संग्रह की श्रृंखला में ‘काव्यांजलि’ हर प्रकार की विधाओं से परिपूर्ण एक खूबसूरत संग्रह है। इस संग्रह का संपादन निर्मेश त्यागी ने किया है। १२ कवियों की रचनाओं से परिपूर्ण यह काव्य संग्रह पाठकों को आकर्षित करता है। हरियाणा के देशपाल … Read more

उत्तराखंड की आवाज है ‘पहाड़ी गूंज’

आरती सिंह ‘प्रियदर्शिनी’ गोरखपुर(उत्तरप्रदेश) ***************************************************************************************** वर्तमान अंकुर के तत्वाधान में प्रकाशित साझा काव्य संग्रह पहाड़ी गूंज में हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड के रचनाकारों ने अपना अप्रतिम योगदान दिया है। साझा संग्रह तथा क्षेत्रीय साझा संग्रह की श्रृंखला में यह पुस्तक अपना एक अलग स्थान रखती है। पुस्तक का संपादन निर्मेश त्यागी ने किया है तथा … Read more

समाज का सामयिक चित्रण है ‘गणित का पंडित’

रामप्रसाद राजभर केरल ************************************************************* ‘गणित का पंडित’ युवा कहानीकार विक्रम सिंह का प्रकाशित नया कहानी संग्रह है। इस संग्रह में उनकी चर्चित कहानियों में से १४ को चयनित किया गया है। १२४ पृष्ठ की इस पुस्तक को लोकोदय प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। यह कहानियाँ आज के समाज व परिवेश का समकालीन दस्तावेज हैं। समाज … Read more

उन्मुक्त कविताओं का संसार है ‘मुक्त तरंगिणी’

आरती सिंह ‘प्रियदर्शिनी’ गोरखपुर(उत्तरप्रदेश) ***************************************************************************************** पुस्तक समीक्षा………………….. प्रखर गूँज प्रकाशन द्वारा प्रकाशित साझा संग्रह की श्रृंखला के अंतर्गत पूरन भंडारी सहारनपुरी द्वारा संकलित पुस्तक मुक्त तरंगिणी एक ऐसा काव्य संग्रह है,जिसमें रचनाकारों की भावनाओं का बिखराव उन्मुक्त रूप से हुआ है। जिस प्रकार जल की उन्मुक्तता सागर-सा विस्तार देती है,मन की उन्मुक्तता सपनों-सा आकाश देती … Read more

संवेदनाओं की महक और प्रहार भी है ‘धूप आँगन की’

विजयसिंह चौहान इन्दौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** ‘धूप आँगन की’ सात खण्ड में विभक्त एक ऐसा गुलदस्ता है,जिसमें साहित्यिक क्षेत्र की विभिन्न विधाओं के फूलों की गंध को एकसाथ महसूस करके आनन्द लिया जा सकता है। भारत की ख्यात लेखिका श्रीमति शशि पुरवार ने इस गुलदस्ते को आकार दिया है,जो हिन्दी साहित्य जगत में सशक्त हस्ताक्षर हैं। इन्दौर … Read more