महिमा बरसात की

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** अब तो हो जाने दो बरसात, तपन से धरा हो गई है त्रास। बुझ रही थी नहीं सभी की प्यास, बरसात होने से पूरी हुई आस। पानी के लिए मचा था हाहाकार, बरसात होने से आया करार। ह्रदय में धरती के पड़ रही थी दरार, बरसात के आने से आ … Read more

बंजारे-सी रातें

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* वक़्त के दामन से कुछ लम्हें चुरा कर, मैंने आज सोचा चलो इन लम्हों में ढूँढते हैं अपने खोये हुए दिन, गुज़री हुई रातें। वो बचपन की शरारतें वो जवानी की हसीं बातें, ज़िन्दगी की उलझनों में न जाने कहाँ खो गए…। कितनी जल्दी, फ़िसल जाता है रेत-सा वक़्त… वक़्त … Read more

जीवन का लेखा-जोखा

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ हनन और दमन तुम दूसरों का कर रहे हो, उसकी आग में अपने भी जल रहे हैं। कब तक तुम दूसरों को रुलाओगे, एक दिन इस आग में खुद भी जल जाओगे। कभी अपने किए पर बहुत पछताओगे, पर उस समय कुछ नहीं कर पाओगेl कहते हैं उसके घर में देर … Read more

माँ…एक रोटी

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** एक रोटी मुझे तू दे दे माँ, मेरे पेट की भूख मिटा दे… कितने दिनों से भूखी हूँ, फिर भी कभी न रोती हूँ। अब सहा नहीं जाता है माता, कैसे तुम्हें बताऊँ ? चन्द घण्टों की बात नहीं, कब तक तुमसे छुपाऊं। बेटी थोड़ा कर ले इंतजार, रोटी वाले भैया … Read more

समंदर कभी रोया नहीं करते

दिप्तेश तिवारी दिप रेवा (मध्यप्रदेश) **************************************************** काँटे हों हजारों मंजिलों की राह पर,यूँ घबराया नहीं करते, और पुरुष जो वीर होते हैं,यूँ मुश्किलों में हारा नही करते। न तेरे-न मेरे,यूँ वक्त तो नही किसी के हाथ में, जब मिले मौका तो लक्ष्य भेदो,यूँ मौके बार-बार नहीं मिलते।   कर्मयोगी कर्म से साधता है पर्वतों,चट्टानों को, हाथ … Read more

साँस है हिन्दी

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** हिन्दी धड़कन है साँस है हिन्दी, हिंदी तड़पन है अहसास है हिंदी। हिंदी माँ है हमारी और संस्कृति, जिसने पाला हमें,वह खास है हिंदी॥ भारतीय संस्कृति का निवास है हिंदी, परिधानों में भारतीयों का लिबास है हिंदी। हिंदुस्तानी भाषाई सुगंध फैल रही चारों ओर, हम सबमें अपनेपन का अहसास है हिंदी॥ … Read more

वादा

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** तुमसे कुछ कहना है… मौसम ने बहारों से, फूलों की वादियों से चाँद ने सितारों से और, सभी ने एक-दूसरे से वादा लिया है…। सुनो मैंने भी तुमसे वादा लिया है… संग तुम्हारे चलने का साथ तुम्हारा देने का, कभी ना दिल दुखाने का चोट ना पहुंचाने का वादा लिया है…। … Read more

ये वहम तुम्हारा अहम है

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** सिर्फ हम ही हम हैं, ये वहम तुम्हारा अहम है। आसमां में उड़ रहे हैं वो, जिनके लिए जमीं कम है। पिता सबसे अनमोल है जग में, बाहर से कठोर,अंदर से नरम है। तुम्हारे भाग्य का भागकर आएगा, मेहनत जी तोड़ करो,बाकी सब भरम है। अपना हर कदम मजबूती से … Read more

यही माँ

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ ‘माँ’ एक शब्द, धरती से धैर्यवान सहनशील उससे भी कहीं अधिक, लाड़-दुलार में किसी से तुलना नहीं, स्वंय कष्ट सहकर भी आँसू का घूंट पीकर भी, गीले बिस्तर पर सोकर भी आह तक करने न देती, माँ,जी हाँ ममता की मूर्ति माँ। उसकी क्षणिक आह पर स्वंय सिहर जाती, उसके … Read more

अहंकार

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* जब चले जीवन नैया लेकर, हाथों में मैं की पतवार सोचा,कर लेंगें जीवन नैया पार, पकड़ समय की धार। काम न आयी मैं की पतवार, तेज समय की धार अपने छूटे,सपने टूटे, कदर नहीं की अपनों की जब समय था तेरे पास। ऐसे गुजरे तूफ़ानों से, छूट गयीं … Read more