मिलना-रूठना…
सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* उसने कहा- अगर देवी के दर्शन हो सकते हैं तो मैं मिलना चाहूँगा। मैंने कहा- मैं तो वापिस जा रही हूँ एक साल बीत गया। मैंने कहा- मुझे मिलना है तुमसे। उसने बहाने बना लिए, फिर वो बहाने ही बनाता रहा तीन साल तक। एक दिन मैंने कह दिया- मुझे अब … Read more