ऐसी अमर कहानी हो

प्रेक्षा डॉन गोधा ‘परी’ दुर्ग (छत्तीसगढ़) ************************************************************* ऐसी अमर कहानी हो माँ ऐसी अमर कहानी हो, एक ऐसा इतिहास रचाऊँ सबके मन को मैं भा जाऊं। हर कोई बनना चाहे बिल्कुल मेरे जैसा, ऐसी अमर कहानी हो माँ ऐसी अमर कहानी होll जब बात हो संस्कारों की सब लोग मेरा उदाहरण दें, जब बात हो … Read more

गुपचुप निमंत्रण

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** आज मुझको मिल रहा है प्यार का गुपचुप निमंत्रण, कौन समझेगा कि मन की चाह पूरी हो रही है। क्यों किसी की राह देखूं पथ में आँखें बिछाये, क्यों किसी के सामने बैठूं बनूं उसका पुजारी। क्यों लिखूं पाती किसी को, प्यार का संदेश लिखकर जबकि करता रुप ही खुद, … Read more

रूप और स्वभाव

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* रूप से भी अत्यधिक सम्मान है स्वभाव का, रूप है बेकार-सा अभाव यदि इस भाव का। रूप नश्वर है जगत में स्वभाव ही अमृत है, नेह यदि है मनुज में,अमर उसका सत्व हैll नेह चक्षु लब्ध हो तो कुरूप सुंदर रूप है, नेह धन का धनिक मानव रंक ही कर … Read more

आओ हम सौगंध उठाएं

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* आओ हम सौगंध उठाएं, कर्म पथ पर बढ़ते जाएं। समाज से कुरीतियाँ हटाएं, जन-मन का हम ज्ञान बढ़ाएं। कर्तव्य कहीं जो डगमगाए, उस सोच को हम समझाएं। मातु-पिता सदा है पूजनीय, उनके मन विश्वास जगाएं। बहन-बेटियाँ रहें सुरक्षित, बच्चों को भविष्य बताएं। प्रकृति माँ की करें हैं पूजा, … Read more

क्यूँ मैं छंद के बंधन बाँधूं…

डॉ.नीलम कौर उदयपुर (राजस्थान) *************************************************** क्यूँ मैं छंद के बंधन बाँधूं, क्यूँ पहनूं बंद अलंकार के कुदरत ने मुझको दे डाले, हसीन प्यार के ख्वाब सुहाने। क्यूँ मैं बाँधूं… बिजली की पैंजनियां दी हैं, स्वर्ग गंगा का गल-हार चाँद मुखडे़ पर दी है, गज़ब चाँदनी की मुस्कान। क्यूँ मैं बाँधूं… फूलों सी खुशबू में भीगा, … Read more

वीरों की धरती हिन्दुस्तान

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- वतन की शान है तो मेरी भी शान है, वतन की आन रखना मेरा ईमान है। वतन ही रब है मेरा ये मेरी जान है, इस दुनिया में सिरमौर मेरा हिन्दुस्तान है। वतन के वास्ते ही हम जियेंगे मरेंगे, वतन का सिर कभी भी नीचा न करेंगें। खाते हैं … Read more

बहुत प्यारे हॊ तुम

अंतुलता वर्मा ‘अन्नू’  भोपाल (मध्यप्रदेश) ************************************************************ जो भी हो बहुत प्यारे हो तुम, मेरी आँखों के तारे हो तुम…। न चाहते हुए भी,तुझे चाहना, न सोचते हुए भी,तुझे सोचना…। मेरी चाहत बन गए हो तुम, मेरी आदत बन गए हो तुम…। मेरी रग-रग में बस गये हो तुम, मेरी ज़िंदगी बन गये हो तुम…। जो … Read more

पायल की पीड़ा

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* मेरे पाँव की पायल भी, बेबस और मजबूर हो गयी… मुस्कुराने की चाहत थी, मगर उदास हो गयी। तुम्हारे इंतज़ार में यह, इस जहां से बेजार हो गयी है… खनकती इसकी सदा भी, दर्द के साज में बदल गई है। मचलती है बेपरवाह-सी, मगर एक आह भी संग आती है… आज … Read more

क्या कहें…

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ पल-पल तरसते थे, उस पल के लिए। वो पल ही रुका, कुछ पल के लिए। सोचा था उसे जिंदगी का, हसीन सपना बना लेंगे। पर क्या करें वो पल ही, रुका कुछ पल के लिएll प्यार तो हर कोई करता है, क्या प्यार को कोई समझता है। तीन अक्षर का शब्द … Read more

सलामत रहे ये आँचल

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** आँचल एक मखमली अहसास, बालक हेतु जागीर दुनिया की। माँ का आँचल मिले, तो गम उसके पास नहीं फटकते और मुस्कुरा उठता है बालक, माँ के आँचल तले। प्रेमिका के आँचल पर तो, कई प्रेमियों ने गीत लिख डाले दे डाली सलाह उड़ते आँचल को संभालने की। नायिका भी … Read more