जीवन-दान
अंजना सिन्हा ‘सखी’रायगढ़ (छत्तीसगढ़)********************************* बाँट रहे हो उसको जिसने, जीवन दान दिया।उसका सीना छलनी करके, कैसा मान दिया॥ घर धन दौलत तुम सब-कुछ बाँटो, माँ कैसे बांटोगे ?माँ को दुख देकर के कैसे तुम जीवन काटोगे।अपनी पीर छुपाकर जिसने,तुम पर ध्यान दिया…,बाँट रहे हो उसको जिसने,जीवन दान दिया॥ मात-पिता को समझ न पाए, आई लाज … Read more