अपनी निशानी छोड़ जा
अंजना सिन्हा ‘सखी’रायगढ़ (छत्तीसगढ़)********************************* आया है जग में तू प्यारे, अपनी निशानी छोड़ जा।दुष्कर्मों से अपना नाता, ऐ प्राणी तू तोड़ जा॥ मिट्टी की है काया मानव, मिट्टी में मिल जाना है।जैसा कर्म करेगा प्यारे, वैसा ही फल पाना है॥इस धरती से राम नाम की, पावन चादर ओढ़ जा,आया है जग में तू प्यारे, अपनी … Read more