नव भारत
शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ***************************************************************** आओ मिलकर सृजन करें हम,नव भारत निर्माण करें हमlजो सोए हैं आँखें खोलें,उन आँखों में स्वप्न भरें हमllनव भारत… राहों में बाधाएं होंगी,वो बाधाएं दूर करें हमlशूल बिछाते जो राहों में,उन सबका प्रतिकार करें हमllनव भारत… रहे अग्रणी भारत अपना,सबने देखा एक ही सपनाlशिक्षित स्वच्छ बनायें भारत,सपना यह साकार करें हमllनव … Read more