अटूट विज्ञानी रहे आचार्य जगदीश चन्द्र बसु

गोपाल चन्द्र मुखर्जी बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************************************ भारत व विश्व के महान वैज्ञानिक, रेडियो के जनक तथा भौतिक शास्त्र,जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, पुरातत्वविद,बहु शास्त्र में ज्ञानी,विज्ञान विषयक लेखक,सी.एस.आई, सी.आई.ई.एफ.आर.एस.भारत का पहला विज्ञानी जिनको अमेरिकन पेटेन्ट मिला। ‘नाइट’ उपाधि से सम्मानित,रायल सोसायटी लंदन के फैलो डॉ. जगदीश चन्द्र बसु को श्रद्धापूर्ण प्रणाम। अति साधारण प्रयोगशाला एवं अल्प … Read more

करें खुद से प्यार

इलाश्री जायसवाल नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* ‘तंदुरुस्ती हज़ार नियामत है’,यह कहावत हम सबने हज़ार बार सुनी होगी,लेकिन मानी कितनी बार होगी ? यह मानने वाली स्त्रियां या तो होंगी ही नहीं,या ना के बराबर होंगी। इसी संदर्भ में दूरदर्शन पर बहुत समय पहले दिखाया जाने वाला विज्ञापन याद आ रहा है,जिसमें एक गर्भवती स्त्री को दिखाया जाता … Read more

सदभाव,परस्पर प्रेम,शांति की नींव पर हो मंदिर निर्माण

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण का विराट रूप देख जैसे अर्जुन की आँखें चुंधिया गईं,जिव्हा निशब्द और हाथ-पांव शिथिल पड़ गए। लगभग वही स्थिति अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर आया फैसला सुन मेरी हो रही है। मानो शब्दकोष सूख गया,मस्तिष्क और शरीर में कोई तालमेल नहीं बचा। सुन्न स्मृति में केवल शेष … Read more

शांति निकेतन

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** भाग-६….. पश्चिम बंगाल लोक कला और संस्कृति के मामले में एक समृद्ध राज्य है…शांति निकेतन यात्रा संस्मरण की कड़ी में पश्चिम बंगाल के ‘बाउल संगीत’ का जिक्र भी जरूरी है…यह संगीत यहां की विरासत है…इस संगीत ने यहां के सांस्कृतिक जगत में बहुत कुछ जोड़ा है…। बाउल संगीत ऐसा … Read more

भारत माँस निर्यात में विश्व में सबसे आगे यानि ७१ फीसदी माँसाहारी

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** वर्तमान में देश में आवारा पशुओं का माँस उपयोग किया जा रहा है,और उसके बदले हम उससे अधिक राशि का रासायनिक खाद का उपयोग खेती में करते हैंl एक निरुपयोगी पशु भी बहुत खाद का काम करता हैl उसके गोबर और मूत्र का उचित उपयोग करके हम जैविक खाद बनाकर खेती … Read more

हिंदी को बोलियों से मत लड़ाइए

डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************** मनुष्य की भांति भाषाओं का भी अपना समय होता है,जो एक बार निकल जाने के बाद वापस नहीं लौटता। इसे हम संस्कृत,पालि,प्राकृत,अपभ्रंश इत्यादि के साथ घटित इतिहास द्वारा समझ सकते हैं। यह ऐतिहासिक तथ्य है कि आदिकाल में राजस्थानी मिश्रित डिंगल और पिंगल शैली तथा बुंदेली एवं मैथिली मुख्य रूप … Read more

मुस्कुराते बच्चे प्रफुल्लित राष्ट्र की पहचान

राजकुमार जैन ‘राजन’ आकोला (राजस्थान) ****************************************************** बालक के जन्म के साथ ही अभिभावक अपने बच्चों के लिए ऐसा तिलिस्म बुनने लगते हैं,जिसमें बालक इस तरह गिर जाता है कि चाह कर भी उन स्वप्नों के भार से निजात नहीं पा पाता। अभिभावकों के अधूरे स्वप्नों को पूर्ण करने का दायित्व बच्चों पर गहरा मानसिक और भावनात्मक … Read more

जगन रेड्डी की उल्टी पट्टी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने सांप की बाॅबी में हाथ डाल दिया है। उन्होंने उप-राष्ट्रपति वेंकय्या नायडू,आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और आंध्र के अन्य नेताओं को अपने एक ऐसे तर्क में लपेट लिया है, जो मूलतः गलत है लेकिन जिसने सभी नेताओं की बोलती बंद कर दी … Read more

महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह हुए स्मृति शेष

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** विश्वविख्यात वैज्ञानिक-गणितज्ञ आइंस्टीन और गौस के सिद्धांतों को चुनौती देकर प्रसिद्धि पाने वाले महान गणितज्ञ नहीं रहे। नासा में अपोलो मिशन शुरुआत के दौरान ३० कम्प्यूटर अचानक असफल हो गए,उसी क्षण पेन से सटीक जोड़ देकर अभियान सफल कराने वाले महान गणितज्ञ हमें छोड़कर चले गए। चक्रीय सदिश समष्टि सिद्धांत … Read more

नशा मुक्ति के लिए जागरूकता जरूरी

राजकुमार जैन ‘राजन’ आकोला (राजस्थान) ****************************************************** तम्बाकू और तंबाकूयुक्त नशीली वस्तुओं के साथ मादक पदार्थों का प्रयोग इन दिनों बहुत बढ़ गया है। बाजारों में जितनी दुकानें खाद्य पदार्थों की नहीं है,उससे अधिक नशे की वस्तुओं की हैं। एक बार नशे की गिरफ्त में आने के बाद संभलना बहुत मुश्किल हो जाता है,नशे की खुराक लगातार … Read more