हिंसा से बढ़ता सामाजिक अलगाव एवं अकेलापन

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* आज देश ही नहीं, दुनिया में हिंसा,युद्ध एवं आक्रामकता का बोलबाला है। जब इस तरह की अमानवीय एवं क्रूर स्थितियां समग्रता से होती है तो उसका समाधान भी समग्रता से ही खोजना पड़ता है। हिंसक परिस्थितियां एवं मानसिकताएं जब प्रबल हैं तो अहिंसा का मूल्य स्वयं बढ़ जाता है। हिंसा किसी … Read more

सावरकर साम्प्रदायिक थे या शुद्ध बुद्धिवादी ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** स्वातंत्र्यवीर सावरकर का स्वतंत्र भारत में क्या स्थान है ? न तो उन्हें भारत रत्न दिया गया,न संसद के केन्द्रीय कक्ष में उनका चित्र लगाया गया,न संसद के अंदर या बाहर उनकी मूर्ति स्थापित की गई,न उन पर अभी तक कोई बढ़िया फिल्म बनाई गई,न उनकी जन्म-शताब्दी मनाई गई और … Read more

रेल यात्रा या जेल यात्रा…!

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** ट्वीटर से समस्या समाधान के शुरूआती दौर में मुझे यह जान कर अचंभा होता था कि महज किसी यात्री के ट्वीट कर देने भर से रेल मंत्री ने किसी के लिए दवा तो किसी के लिए दूध का प्रबंध कर दिया। किसी दूल्हे के लिए ट्रेन की गति … Read more

`जनता के राष्ट्रपति` भारत रत्न अब्दुल कलाम की यादों का गुलदस्ता

राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** १५ अक्टूबर जन्मदिवस विशेष…………….. मिसाइल मैन,देश के प्रसिद्ध अभियन्ता व भारत के पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म १५ अक्टूबर १९३१ को धनुष कौड़ी ग्राम रामेश्वरम तमिलनाडु में हुआ था। वे एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में जन्मे थे। इनके पिताजी मछुआरों को नाव किराये पर देने का काम करते थे। … Read more

आर्थिक मंदी और रविशंकर का फिल्मी चश्मा…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** क्या देश में सचमुच आर्थिक मंदी है ? अगर है तो वह सत्ताधीशों को क्यों नहीं दिख रही और नहीं है तो आम आदमी अपनी तंग जेब और काम-धंधों को लेकर इतना बेचैन क्यों है ? यदि देश में आर्थिक मंदी है तो वह व्यापक राजनीतिक असंतोष के रूप में व्यक्त … Read more

महर्षि वाल्मीकि:खगोल और ज्योतिष के प्रकांड पंडित

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** आश्विन माह में शरद पूर्णिमा के दिन महर्षि वाल्मीकि का जन्म हुआ था। वाल्मीकि वैदिक काल के महान गुरु,यथार्थवादी और चतुर्दशी ऋषि हैं। महर्षि वाल्मीकि को कई भाषाओं का ज्ञान था। संसार का पहला महाकाव्य रामायण लिखकर ‘आदि कवि’ होने का गौरव पाया। वाल्मीकि ने कठोर तप के पश्चात महर्षि की … Read more

राहुल की विपश्यना:रण में जूझने और रण तजने का फर्क…

  अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** राजकपूर की ‍यादगार फिल्म ‘बरसात’ का गाना है-‘छोड़ गए बालम मुझे हाय अकेला छोड़ गए…।’ देश की सबसे पुरानी और सर्वाधिक सत्ता में रही कांग्रेस पार्टी में कुछ ऐसा ही आलम है। कहने को देश में २ राज्यों महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव हो रहे हैं,लेकिन कांग्रेस इसी में … Read more

हसरतें जो रही अधूरी…. अमिताभ

कार्तिकेय त्रिपाठी ‘राम’ इन्दौर मध्यप्रदेश) ********************************************* वर्षगांठ विशेष…………. एक ऐसा व्यक्तित्व,जो अभिनय रूपी शहद के कटोरे से मंद-मंद मुस्कान बिखेरने में सफल रहा,जो भारतीय फिल्माकाश पर विगत पांच दशकों से अलौकिक दैदीप्यमान तारे की तरह अपनी बहुमुखी प्रतिभा से सिने प्रेमियों के दिलों की धड़कनों को असंयत करने में सफल रहा। युवा,प्रौढ़ और बच्चों के … Read more

क्या गुनाह किया नुसरत जहां ने…

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आज हम किस सदी में जी रहे हैं और हम कब तक पोंगापंथी या पुरातन शैली की जीवन जीएंगे,आखिर ये नियम किसने बनाये हैं। किसी ने भी बनाये होंगे तो उन नियमों में भी हम परिवर्तन समय के अनुसार कर सकते हैं। कब तक हम लकीर के फकीर बने रह सकते … Read more

जान प्यारी है या पैसे ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए मोटर वाहन अधिनियम को लेकर देश में विचित्र विवाद चल पड़ा है। इस अधिनियम को लाने का श्रेय केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को है। केन्द्र में भाजपा की सरकार है लेकिन इसी पार्टी की कुछ प्रांतीय सरकारों ने इस अधिनियम को लागू करने … Read more