‘कोरोना’ का प्रभाव
सुकमोती चौहान ‘रुचि’महासमुन्द (छत्तीसगढ़)*********************************************************************** दहशत-सा माहौल,बनाया यह कोरोना।जनजीवन है त्रस्त,रद्द कार्यक्रम होना॥गिरा हुआ व्यापार,छटपटाये पंसारी।सुनकर ये सब हाल,करें चर्चाएँ भारी॥ये नया वायरस है घुसा,वैज्ञानिक मजबूर है।इसका खोज रहे तोड़ वे,तनिक सफलता दूर है। माता-पिता अधीर,आज बेटी की शादी।दिखते न मेहमान,परेशान दिखे दादी॥अन्य कार्यक्रम रद्द,रद्द शादी हो कैसे ?आय नहीं वो लोग,जिन्हे देने थे पैसे॥चल दी … Read more