गले मिलो प्रेम संग
बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* नई साल आती रहे,मन में हो शुभ भाव, करते शुभकामना,सभी हम प्यार से। भारत धर्म संस्कृति,आए न कोई विकृति, मन में गुमान रख,रहना संस्कार से। बार-बार प्रयास हो,परिश्रम विश्वास हो, लक्ष्य पर हो निगाह,डरो नहीं हार से। शीतल स्वभाव रख,सफलता स्वाद चख, गर्म लोह कट जाए,शीतल प्रहार से। पंख लगते वक्त … Read more