बिन बेटी सब सून
प्रियंका सौरभहिसार(हरियाणा) ********************************************************** जीवन में आनंद का,बेटी मंतर मूल।इसे गर्भ में मारकर,कर ना देना भूल॥ बेटी कम मत आंकिये,गहरे इसके अर्थ।कहीं लगे बेटी बिना,तुझे सृष्टि व्यर्थ॥ बेटी होती प्रेम की,सागर सदा अथाह।मूरत होती मात की,इसको मिले पनाह॥ छोटी-मोटी बात को,कभी न देती तूल।हर रिश्ते को मानती,बेटी करें न भूल॥ बेटी माँ का रूप है,मन ज्यों … Read more