श्री अटल बिहारी वाजपेयी : कवि व्यक्तित्व

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)************************************************** श्री अटल बिहारी वाजपेई:कवि व्यक्तित्व : स्पर्धा विशेष………. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री,अजातशत्रु,भारतरत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी (२५ दिसम्बर,१९२४-१६ अगस्त,२०१८) एक कुशल वक्ता,एक दूरदृष्टा, भारतीय संस्कृति को साथ लेकर चलनेवाले,अपने विचार से न डिगनेवाले,एक स्वाभिमानी व्यक्तित्व, भारत के जननायक तथा कविकुलभूषण थे। वह युगपुरुष अपने अवसान से भी नई उर्जा,नई … Read more

राष्ट्र प्रेमी अनुपम अटल जी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)************************************************** श्री अटल बिहारी वाजपेई:कवि व्यक्तित्व : स्पर्धा विशेष………. बाल ब्रह्मचारी,शत्रु विहीन,सर्वप्रिय,वाकपटु, सौम्य व हँसमुख स्वभाव वाले अटल जी के लिए जितना लिखा जाए,वह कम ही पड़ेगा, क्योंकि आज के समय में इतने गुण लिए कोई नेता नजर नहीं आता। वे ऐसे प्रखर ओजस्वी वक्ता थे,जिनको सुनने घोर विरोधी भी लालायित रहते … Read more

सरकार को ईमानदार समझौता करना चाहिए

प्रियंका सौरभहिसार(हरियाणा) ************************************************** जयपुर और आगरा के लिए दिल्ली के राजमार्गों की नाकाबंदी के लिए किसान संगठनों के आह्वान के बाद पूरे भारत में तनाव बढ़ गया है। ३ विवादास्पद कृषि विधेयकों के सवाल पर नरेंद्र मोदी सरकार और आंदोलनकारी किसानों के बीच समझौता मायावी प्रतीत होता है। राष्ट्रीय राजधानी में कई दौर की बातचीत … Read more

संसद सत्र:स्वस्थ बहस खुलकर हो

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** संसद का शीतकालीन सत्र स्थगित हो गया। अब बजट सत्र ही होगा। वैसे सरकार ने यह फैसला लगभग सभी विरोधी दलों के नेताओं की सहमति के बाद किया है। संसदीय कार्यमंत्री का यह तर्क कुछ वजनदार जरुर है कि,संसद के पिछले सत्र में सांसदों की उपस्थिति काफी कम रही और कुछ सांसद-मंत्री … Read more

देवत्व ही जीवन का सर्वोत्तम वरदान

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* असुरों से सभी घृणा करते हैं,क्योंकि उनकी भावनाओं में स्वार्थपरकता और भोग लालसा,इतनी प्रबल होती है कि वे इसके लिए दूसरों के अधिकार सुख और सुविधाएं छीन लेने में कुछ भी संकोच नहीं करते। उनके पास रहने वाले भी दुखी रहते हैं और व्यक्तिगत बुराइयों के कारण उनका निज़ जीवन तो … Read more

शिक्षा और न्याय में हिन्दी बेहद आवश्यक

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* सम्पूर्ण शिक्षा नीति का नवीनीकरण हो रहा है,किन्तु जब तक न्यायपालिका में हिन्दी भाषा का प्रयोग नहीं होता,तब तक सब शिक्षा व्यर्थ है। इस पर सशक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी को संज्ञान लेकर अहम भूमिका निभानी चाहिए,क्योंकि न्याय का रोना जन्म के साथ ही हो जाता है … Read more

अत्यधिक आकांक्षाओं से टूटते परिवार

डॉ.सत्यवान सौरभहिसार (हरियाणा)************************************ भौतिकवादी युग में एक-दूसरे की सुख-सुविधाओं की प्रतिस्पर्धा ने मन के रिश्तों को झुलसा दिया हैl कच्चे से पक्के होते घरों की ऊँची दीवारों ने आपसी वार्तालाप को लुप्त कर दिया हैl पत्थर होते हर आँगन में फ़ूट-कलह का नंगा नाच हो रहा हैl आपसी मतभेदों ने गहरे मन भेद कर दिए … Read more

हिन्दीःविश्व में प्रतिष्ठा,देश में उपेक्षा क्यों ?

ललित गर्गदिल्ली ****************************************************** हाल ही में एथनोलॉग द्वारा जारी प्रतिवेदन के अनुसार हिंदी विश्व में तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा बन गई हैl वर्तमान में ६३७ मिलियन लोग हिंदी भाषा का उपयोग करते हैं। हिंदी भारत की राजभाषा है। सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व को समेट हिंदी अब विश्व में लगातार अपना फैलाव कर … Read more

हर ट्रेन की यही कहानी

तारकेश कुमार ओझाखड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** हम भारतीयों की किस्मत में ही शायद सही-सलामत यात्रा का योग ही नहीं लिखा है। किसी सफर में सब कुछ सामान्य नजर आए तो हैरानी होती है। कोरोना काल में उत्तर प्रदेश की मेरी वापसी यात्रा का अनुभव कुछ ऐसा ही रहा। कई मामलों में नए अनुभव के बावजूद … Read more

संयम से काम लें भाजपा और ममता

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष जगत नड्डा और भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय के काफिले पर जो हमला हुआ,उसमें ऐसा कुछ भी हो सकता था,जिसके कारण ममता बनर्जी की सरकार को भंग करने की नौबत भी आ सकती थी। यदि श्री नड्डा की कार सुरक्षित नहीं होती,तो यह हमला जानलेवा ही सिद्ध होता। … Read more