विदेश नीतिःनरम-गरम

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** कई लोग पूछ रहे हैं कि विदेश नीति के हिसाब से पिछला साल कैसा रहा ? मैं कहूंगा कि खट्टा-मीठा और नरम-गरम दोनों रहा। कश्मीर के पूर्ण विलय को चीन के अलावा सभी महाशक्तियों ने भारत का आतंरिक मामला मान लिया। सउदी अरब और संयुक्त अरब अमारात (यूएई) ने भी … Read more

हार सिखाती है,लड़ने का जज्बा बढ़ाती है

राज कुमार चंद्रा ‘राज’ जान्जगीर चाम्पा(छत्तीसगढ़) *************************************************************************** ‘हार’ एक ऐसा शब्द,जिसे कोई पसन्द नहीं करता है जिसका सीधा सम्बंध निराशा से है,पर हार का विश्लेषण करें तो पाते हैं कि हार हमारी उन कमियों को उजागर करती है जिससे हम अछूते रहते हैं। हार सही मायने में अनुभव का सागर है,स्वयं के बारे में सोचने … Read more

२०२० और संकल्प

डाॅ. मधुकर राव लारोकर ‘मधुर’  नागपुर(महाराष्ट्र) ************************************************************************* मित्रों,आप सभी को नववर्ष २०२० की हार्दिक शुभकामनाएं। नवीन वर्ष सभी अपने हिसाब से प्रतिवर्ष मनाते ही हैं। खाते हैं,पीते हैं,मनोरंजन करते हैं और फिर पहली तारीख को खुमार उतारते हैं। फिर सभी अपने-अपने काम-धंधे में लग जाते हैं। प्रतिदिन जैसा यह मानकर चला जाता है कि नये … Read more

कल्पना तक नहीं की

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* ‘बड़े दिन की छुट्टी’ स्पर्धा  विशेष……… प्रत्येक प्रयास करने के बावजूद नींद नहीं आ रही थी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से लेकर वर्तमान राष्ट्रपति द्वारा कहे शब्द मस्तिष्क पर हथौड़े मार रहे थे। कारण यह था कि मुझे अपने बचपन के बिताए ‘बड़े दिन की छुट्टी’ के दिनों … Read more

नए जमाने की सबसे ‘कड़ी’ सजा `इंटरनेटबंदी`

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** इक्कीसवीं सदी की नई सजाओं में एक `इंटरनेटबंदी` भी है। चाहे सुरक्षा कारणों से हो या पूरे समाज को ‘कायदे’ में रखने के लिए हो,हमारे देश में आजकल सरकारें सबसे पहले इंटरनेट बंद करती हैं। दो दिन पहले जब करगिल में १४५ दिनों बाद इंटरनेट सेवाएं फिर जिंदा हुईं,तो वहां के … Read more

भारत को इस्लामी राष्ट्रों की चुनौती

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** भारत भी कमाल का देश है। इसकी वजह से इस्लामी देशों में फूट पड़ गई है। दुनिया के ५७ इस्लामी देशों का अब तक एक ही संगठन है (ओआईसी),लेकिन अब एक दूसरा इस्लामी संगठन भी उठ खड़ा हुआ है। इसका नेतृत्व मलेशिया के राष्ट्रपति महाथिर मोहम्मद और तुर्की के राष्ट्रपति … Read more

नए वर्ष के नए संकल्प

राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** लो आ गया नूतन वर्ष,दिल से करें सभी दो हज़ार बीस का अभिनन्दन। ठिठुरती ठंड में गरीबों को कम्बल बांटते समाजसेवी नेताओं की सोशल मीडिया पर सेल्फी दिखने लगी। कहीं मोमबत्ती जलाकर बेटी की तस्वीर को लिए शहर में `बेटी बचाओ` के नारे लगाता जनसमूह दिखाई देता है। जीएसटी,धारा ३७०, भारत-पाक … Read more

आधुनिक बनाम पुरातन ज्ञान-विज्ञान

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ मुम्बई(महाराष्ट्र) *************************************************************** जब कोई खगोलीय घटना घटती है,तो विभिन्न टी.वी. चैनलों पर वैज्ञानिकों और आध्यात्मिक गुरुओं के बीच वैचारिक संघर्ष साफ दिखाई देता है। लगता है दोनों में एक-दूसरे को पछाड़ने की होड़ लगी है। अगर यह कहूँ कि,इस मामले में मैं अक्सर स्वयं को वैज्ञानिकों के नहीं, बल्कि कथित आध्यात्मिक … Read more

हिन्दी में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:प्रसार की लकीरें

डॉ. ओम विकास *************************************************************** २०वीं सदी में आर्थिक विकास का आधार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी रहा। नवाचार एवं आविष्कारोन्मुखी प्रवृत्ति से समाज विकसित और अविकसित वर्गों में बँटने लगे। २१वीं सदी में संज्ञानिकी का प्रबल प्रभाव है। लोक संस्कृति की संरक्षा की चिंता बढ़ने लगी है।प्रतिवर्ष २ प्रतिशत विश्व भाषाओं का लोप होता जा रहा है। … Read more

आम-बजट में राहत की उम्मीद

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* देश में बढ़ती महंगाई,बेरोजगारी,व्यापार की टूटती साँसें,आर्थिक सुस्ती एवं विकास की रफ्तार में लगातार आ रही गिरावट चिंता एवं चिन्तन का कारण है। जनता महंगाई एवं नवीन आर्थिक परिवर्तनों से जार-जार है, लोग बढ़ती महंगाई को लेकर चिंतित हैं,वे चाहते हैं कि आयकर सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। वित्तमंत्री से इस बार … Read more