जीवन, शरीर और ब्रम्हाण्ड
कपिल देव अग्रवालबड़ौदा (गुजरात)************************************* उपस्थित प्रबुद्धजनों के भीतर की चेतना को मेरा नमन। युवावस्था में ही कुछ अतीन्द्रिय अनुभवों ने मेरी रूचि को आध्यात्म की ओर मोड़ दिया, जो आज तक कायम है। आध्यात्म जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया और इसे मैंने जाना व अनुभव किया। इसलिए आज आध्यात्म के प्रचारक की तरह … Read more