माँ की प्रार्थना ईश्वर से

प्रेरणा सेन्द्रे इंदौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… कहते हैं माँ बनने का सौभाग्य किस्मत वालों को मिलता है,पर माँ बनकर उसका सुख ना मिल पाए वो सबसे बड़ी बदकिस्मती है। ममता जो पल-पल मौत की ओर बढ़ रही है और सोच रही है कि उसके बाद उसके बच्चों का क्या होगा…? इससे अच्छा तो … Read more

विडम्बना

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************ मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… दुबई की चिकनी चमचमाती सड़कों पर कार दौड़ी चली जा रही थी,आज मैं अपने बेटी निशा और दामाद शशांक के यहां आई थी। पिछले साल निशा को एक बेटी पैदा हुई थी,लेकिन व्यस्तता के कारण मेरा दुबई आना नहीं हो पा रहा था। आज मैं पहली बार … Read more

फिक्र

विजयसिंह चौहान इन्दौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… कल,माँ का पैर फिसल जाने के कारण हाथ की हड्डी टूट गई,इसलिए आज हाथ का ऑपरेशन होने जा रहा है। परिवार के सभी लोग स्ट्रेचर के साथ हो लिए…। माँ का हाथ थामे ‘काकू’ माँ को दिलासा दे रहा था,छोटा-सा ऑपरेशन है। आप यूँ गए और यूँ … Read more

रीति

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़र देवास (मध्यप्रदेश) ******************************************************************************* नेहा का विवाह होकर ससुराल में आये आज दूसरा दिन था। पहला दिन घर के रीति-रिवाज़,देव पूजन और मेहमानों से मिलने में गुजर गया था। आज जब सारे मेहमान जा चुके थे और वह नए घर में अपनी जिम्मेदारियों को समझने की कोशिश कर रही थी, तभी उसे मकान … Read more

गुनगुन

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************ दादी को अपनी पोती गुनगुन से विशेष लगाव था। उनकी तीन पोतियां थी,पर सबसे प्यारी उनको गुनगुन थी। उसे अपने साथ सुलाना,नहलाना-धुलाना,कहीं जाना तो साथ में ले जाना,यहां तक कि दूसरे शहर भी जाती तो भी गुनगुन साथ होती। और यह सब करने पर दादी थक भी जाती थी,पर गुनगुन का … Read more

बाल मजदूरी

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ******************************************************** आज प्राचार्य पद से अनूप जी की सेवानिवृत्ति का दिन था। चूँकि,वे बहुआयामी प्रतिभा एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी होने के साथ ही, गरीबों के मसीहा भी थे,अतः उनकी सेवानिवृत्ति पर पुराने सहकर्मी, निवर्तमान विद्यार्थी और ग्रामीणों से विद्यालय प्रांगन खचाखच भरा था। बहुत ही आदरपूर्वक अनूप … Read more

तुरपाई

विजयसिंह चौहान इन्दौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** तीन बच्चों की माँ चन्दादेवी सुबह से देर रात तक कपड़े की सिलाई कर बमुश्किल दो जून की रोटी कमाती। सुन्नू,काकू और अन्नू यही कुछ नाम थे बच्चों के । सुन्नू के बड़ी बिटिया होने से उसके जिम्मे रसोई में सहयोग तो काकू-अन्नू कपड़े सिलने के बाद काज-बटन और तुरपाई करके … Read more

पत्ता परिवर्तन

डॉ.चंद्रेश कुमार छतलानी  उदयपुर (राजस्थान)  ************************************************************************** वह ताश की एक गड्डी हाथ में लिए घर के अंदर चुपचाप बैठा था कि बाहर दरवाज़े पर दस्तक हुई। उसने दरवाज़ा खोला तो देखा कि बाहर कुर्ता-पजामाधारी ताश का एक जाना-पहचाना पत्ता फड़फड़ा रहा था। उस ताश के पत्ते के पीछे बहुत सारे इंसान तख्ते लिए खड़े थे। … Read more

मैं धरा

विजयसिंह चौहान इन्दौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** एक लंबे समय से मैं धरा तुम सब जीव-जंतु,प्रकृति,पर्यावरण को अपने में समाहित किए मजे से जी रही हूँ। प्यारे-प्यारे मनुष्य,सुंदर फल-फूल,कल-कल संगीत सुनाती नदियां,विशाल पठार और कोमल दूब क्या नहीं संजोया मैंने अपने दामन में,सिर्फ तुम्हारे लिए! सोना-चांदी,कोयला-कथीर,खट्टे-मीठे और कड़वा स्वाद तक समेटा है,मैंने अपनी बगिया में। तुमने जैसा बीज … Read more

उल्टा दांव

डॉ.शैल चन्द्रा धमतरी(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** “हमारे घर ऐसा होता है,हमारे घर वैसा होता है।” यही जुमला सुन-सुन कर रेखा के कान पक चुके थे। अभी लग्न लेकर लड़के वाले रेखा के घर आये हुए थे। सगाई की तारीख तय हो गई थी। लड़के की माता जी रेखा के घर इस बीच दो-चार बार आ चुकीं थीं … Read more