उपवास
डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************** “माँ एक बात बताओ, तुम रोज़-रोज़ मंदिर जाती हो और खूब उपवास भी रखती हो। इस तरह के धर्म-कर्म के कार्य से कैसा अनुभव होता है ?” सुरेन ने माँ से पूछा।“बेटा, धर्म-कर्म तो सदा मनुष्य को सुख, शांति, समृद्धि, धैर्य, आत्मिक शक्ति आदि प्रदान करता है और कुछ नहीं … Read more