वसंत की सुवास

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)****************************************** रश्मि चाय-नाश्ते के साथ, जब बैठक में आई, तो देखा पतिदेव गाजर कीस रहे हैं। उसके चेहरे पर हल्की-सी मुस्कान तैर गई। उसने उनकी और ट्रे बढ़ाई व स्वयं भी चाय की चुस्कियाँ लेते हुए अतीत के गलियारों में विचरने लगी। केंद्रीय विद्यालय में उसका पहला दिन था। क्या … Read more

क्या यही हमारा भविष्य ?

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************** पेड़ पर बैठे कुछ पक्षी बातचीत कर रहे थे। तभी एक पक्षी बोल उठा,-“मेरा दम क्यों घुट-सा रहा है।”“दम घुट रहा है ?” दूसरे पक्षी ने पूछा।“हाँ ! हाँ ! मुझसे तो बोला भी नहीं जा रहा है। बहुत दिक्कत हो रही है।”तीसरे ने कहा,-“कोई जल्दी से पानी तो लाओ।”दूसरा … Read more

भूखी दादी

रश्मि लहरलखनऊ (उत्तर प्रदेश)************************************************** मोहल्ले में नवरात्रि पर्व की चहल-पहल थी। कृष्णा की दादी देवी गीत गुनगुना रही थीं। कृष्णा उनके ऑंचल से खेल रही थी कि, उनको फिर उल्टी हो गई। यूॅं तो कृष्णा अभी १२ वर्ष की ही थी, पर काम-काज बड़ों की तरह निपटाती थी। वह माॅं को बताने गईं-“माँ दादी को … Read more

उपवास

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************** “माँ एक बात बताओ, तुम रोज़-रोज़ मंदिर जाती हो और खूब उपवास भी रखती हो। इस तरह के धर्म-कर्म के कार्य से कैसा अनुभव होता है ?” सुरेन ने माँ से पूछा।“बेटा, धर्म-कर्म तो सदा मनुष्य को सुख, शांति, समृद्धि, धैर्य, आत्मिक शक्ति आदि प्रदान करता है और कुछ नहीं … Read more

भिखारी

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************** सेठ हीरामल जी जीवन के कोई भी काम त्याग सकते थे, लेकिन मंदिर जाना उनका नित्य का नियम था। मंदिर से लौटने पर ही अन्न ग्रहण किया करते। उनको बस मंदिर परिसर के बाहर भीख मांगने वाले भिखारी कतई पसंद नहीं थे। बाहर आते ही उन्हें घृणा और हीन दृष्टि … Read more

काम की करामात

मीरा जैनउज्जैन(मध्यप्रदेश) ************************************************ सौम्या- ‘दादी जी ! स्कूल को देर हो रही है, मेरा टिफिन भी डाल दीजिए।’समर- ‘दादाजी ! मेरे बाल संवार दीजिए…।’सौम्या- ‘दादी जी ! मैं तो भूल ही गई थी, मुझे आज ही स्कूल में एक कहानी सुनानी है। ऐसा करिए, आप मुझे तैयार करते हुए कहानी भी सुनाते जाइए, मैं वही … Read more

अमर भोजनालय

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************** उम्र के साथ नजर जरा कमजोर हो चली थी, इसलिए रामचरण ने छोटी पोती धैर्या को बुला महीने भर के बिलों को दिखाते हुए हिसाब किताब कर रकम थमा दी। अंत में अमर के नाम का लिफाफा भी।कई वर्षों से यही सिलसिला चल रहा था। आज धैर्या से रहा नहीं … Read more

कर्म

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************** शांतनु अपने पापा के साथ बाजार गया। बाजार में काफी शॉपिंग के बाद वे लुहार की दुकान पर पहुंचे।दुकान देख शांतनु ने पापा से पूछा, “पापा ये लोहार क्या-क्या बनाते हैं ?”“बेटा वैसे तो लोहार सुई से लेकर दरवाजे, तगारी, फावड़ा, लोहे के फर्नीचर, बाल्टी समेत कृषि में उपयुक्त सभी … Read more

छोटा-सा क्रिसमस ट्री

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)****************************** कागज को पेड़ के आकार में काट कर, मार्कर से उसने पेड़ की आकृति बनाई। कैंची से उसे काटा। उसमें छोटे-छोटे छेद किए। रंग-बिरंगे कागज काटकर सेलो टेप से उन्हें चिपकाया। छेदों में धागों की मदद से मोतियों की माला पहनाई।… रात ३ बजे तक वह क्रिसमस ट्री बनाती रही।सुबह … Read more

नुकसान

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************** कक्षा में आज अज्जू के प्रथम सत्र की परीक्षा का परिणाम दिखाया जाने वाला था। अज्जू के माता पिता व्यवसायिक होने के कारण काफी व्यस्त रहते थे, मगर जैसे-तैसे उसका ‘ओपन डे’ जरूर अटेंड करते थे। ओपन-डे के लिए कक्षा में सभी छात्रों सहित उनके माता पिता उपस्थित थे। शिक्षक … Read more