शेरू का पुनर्जन्म…!
तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** कुत्ते तब भी पाले जाते थे,लेकिन विदेशी नस्ल के नहीं। ज्यादातर कुत्ते आवारा ही होते थे,जिन्हें अब `स्ट्रीट डॉग` कहा जाता है। गली- मोहल्लों में इंसानों के बीच उनका गुजर-बसर हो जाता था। ऐसे कुत्तों के प्रति किसी प्रकार का विशेष लगाव या नफरत की भावना भी तब … Read more